क्या धरती के अलावा भी किसी और ग्रह पर जीवन है? यह सवाल हमेशा ही मनुष्य को रोमांचित करता रहा है और वैज्ञानिक भी ऐसा होने की संभावना से इनकार नहीं करते हैं. हाल ही में हुआ एक शोध कुछ इसी तरह की बात दोहराते हुए कहता है कि हमारी आकाशगंगा, मंदाकिनी में 36 और बुद्धिमान सभ्यताएं (इंटेलिजेंट सिविलाइजेशन्स) हो सकती हैं. बुद्धिमान सभ्यता से मतलब ऐसी सभ्यता से है जो संवाद कर सके. वैज्ञानिकों के मुताबिक इस तरह की सभ्यता के बनने में लगभग 5 अरब सालों का वक्त लगता है. धरती की बात करें तो यहां पर बुद्धिमान सभ्यता बनने में साढ़े चार अरब सालों का वक्त लगा था.

बीते सोमवार को द एस्ट्रोफिजिकल जरनल में छपा एक अध्ययन कहता है कि हमारी मंदाकिनी (मिल्कीवे) में मनुष्यों जैसी 30 से अधिक बुद्धिमान सभ्यताएं मौजूद हो सकती हैं लेकिन, फिलहाल इनमें से किसी से भी संपर्क कर पाना संभव नहीं है. वैज्ञानिक बताते हैं कि इन सभ्यताओं से धरती की औसत दूरी 17,000 हजार प्रकाशवर्ष है. इसके चलते इन सभ्यताओं की स्थिति का सटीक अंदाज़ा लगा पाना या उनसे संपर्क कर पाना मौजूद वैज्ञानिक संसाधनों में संभव नहीं हो सकता है.

यह शोध करने वाले प्रमुख खगोलविद और इंग्लैंड की नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर क्रिस्टोफर कोंसेलिचे के मुताबिक ‘इस अध्ययन का उद्देश्य ब्रह्मांड के पैमाने पर जीवन के विकास को समझना था. इससे न सिर्फ यह पता चल सकता है कि जीवन कैसे पैदा होता है बल्कि यह भी पता चलता है कि इसका अस्तित्व कितने लंबे समय के लिए रहने वाला है.’ वे यह भी कहते हैं कि ‘हो सकता है कि ब्रह्मांड में मौजूद एक मात्र सभ्यता केवल धरती पर हो. लेकिन ऐसा होना हमारे लॉन्ग टर्म एग्ज़िस्टेंस लिए एक बुरा संकेत होगा.’