कोरोना वायरस पर मुख्यमंत्रियों के साथ हो रही बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले भारत-चीन विवाद पर बात की. प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया है कि वैसे तो भारत शांति चाहता है लेकिन उकसाए जाने पर उचित जवाब देने के लिए भी तैयार है. उनका यह भी कहना था कि ‘देश की एकता और अखंडता हमारे लिए सर्वोपरि है. मैं देश को यकीन दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि हमारे जवानों ने मारते-मारते जान गंवाई है.’

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 पर ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर रहे थे. इसमें दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल थे जहां कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बैठक की शुरूआत उन्होंने शहीदों के लिए दो मिनट का मौन रखने के साथ की. सोमवार को लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में भारत के एक सैन्य अधिकारी सहित बीस सैनिकों की मौत हो गई थी. सेना के एक बयान के मुताबिक यह टकराव गलवान घाटी नाम के इलाके में हुआ. बताया जा रहा है कि भारतीयों सैनिकों की मौत पथराव से लगी चोटों के चलते हुई. इस झड़प में चीनी मीडिया ने भी अपने सैनिकों के हताहत होने की बात कही है.

गंभीर हो रहे हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पार्टियों की एक बैठक भी बुलाई है. यह बैठक 19 जून को होगी. उधर, चीन का कहना है कि वह अब भारत के साथ सीमा पर और टकराव नहीं चाहता और मुद्दे को बातचीत से हल करने के लिए तैयार है.