भारत को भारी मतों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व समुदाय के प्रति आभार जताया है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि भारत सभी सदस्यों के साथ मिलकर दुनिया में शांति, सुरक्षा और बराबरी के लिए काम करेगा. सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए बुधवार को हुए मत परीक्षण मेें भारत के साथ मैक्सिको, आयरलैंड और नॉर्वे को भी चुना गया. बची हुई एक सीट के लिए आज मतदान होगा. ये सभी देश दो साल तक सुरक्षा परिषद में रहेंगे.

अस्थाई सदस्य के तौर पर भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आठवीं बार चुना गया है. इसके पहले वह 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में संस्था का अस्थाई सदस्य रह चुका है.

फिलहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य हैं. स्थायी सदस्य हैं अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन. हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा दो साल के कार्यकाल के लिए पांच अस्थायी सदस्यों को चुनती है. भारत काफी समय से स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहा है. उसका कहना है कि पिछले कुछ दशक में भूसामरिक वास्तविकताएं काफी बदल गई हैं और इसलिए इसे बिना देर किए संस्था में सुधार करने की जरूरत है. उसके मुताबिक अगर जल्द से जल्द ऐसा नहीं किया जाता तो सुरक्षा परिषद पर अपनी प्रासंगिकता खोने का खतरा मंडराने लगेगा. उधर, अमेरिका और फ्रांस जैसे कई देश संस्था में भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने का कई बार समर्थन कर चुके हैं.