भारत-चीन सीमा विवाद के बाद चीनी सामान के बहिष्कार को लेकर छिड़ी बहस के बीच भारतीय रेलवे ने चीन को झटका दिया है. रेलवे ने एक चीनी कंपनी के साथ हुआ 471 रुपए का करार खत्म कर दिया है. एएनआई के मुताबिक साल 2016 में भारतीय रेलवे के ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ ने ‘बीजिंग नेशनल रेलवे रसिर्च एंड डिजाइन इंस्‍टीट्यूट ऑफ सिग्‍नल एंड कम्‍युनिकेशंस’ से एक करार किया था. इसके तहत कानपुर और दीनदयाल उपाध्‍याय रेलवे स्‍टेशन के सेक्‍शन के बीच 417 किमी में सिग्‍नलिंग व टेलीकम्‍युनिकेशंस का काम होना था. रेलवे के मुताबिक उस समय इस प्रोजेक्ट की लागत 471 करोड़ रुपये थी. भारतीय रेलवे का कहना है कि उसने चीनी कंपनी के खराब प्रदर्शन और कम काम करने के कारण इस करार को खत्म किया है.

इससे पहले बुधवार को टेलीकॉम मंत्रालय ने बीएसएनएल को चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करने का निर्देश दिया था. मंत्रालय ने फैसला किया है कि बीएसएनएल की 4जी तकनीक से चीनी कंपनियों को दूर रखा जाएगा. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार टेलीकॉम मंत्रालय ने बीएसएनएल से कहा है कि 4जी तकनीक के मामले में जारी किए जा चुके टेंडरों पर नए सिरे से विचार किया जाए.

बीते सोमवार की रात लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे. चीन की इस हरकत के बाद देश में गुस्से का माहौल है और लोग चीनी कंपनियों और सामान के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं.