चीन ने 15 जून को पूर्वी लद्दाख में हुई एक मुठभेड़ के दौरान बंदी बनाए गए 10 भारतीय सैनिकों को रिहा कर दिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इनमें चार अधिकारी शामिल हैं. इससे पहले भारत और चीन के बीच मेजर जनरल स्तर की बातचीत हुई थी जिसके बाद इन सैनिकों की रिहाई की खबर आई. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में आज एक बार फिर दोनों अधिकारी बातचीत करेंगे.

सोमवार को गलवान घाटी में ही भारत और चीन की सेना में हिंसक झड़प हुई थी. इसमें भारत के 21 जवान शहीद हो गए. इस हिंसक झड़प में चीनी पक्ष को भी खासा नुकसान हुआ. बताया जा रहा है कि उसके कम से कम 43 सैनिक जान गंवा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं. चीन ने अपने सैनिकों की मौत की बात तो मानी है, लेकिन इस बारे में कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है. उसका यह भी कहना है कि वह अब भारत के साथ सीमा पर और टकराव नहीं चाहता. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान का कहना था कि दोनों देश इस मुद्दे को बातचीत से हल करने की दिशा में प्रयास जारी रखेंगे.

उधर, इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सभी पार्टियों की एक बैठक बुलाई है. इसमें सोनिया गांधी और ममता बनर्जी सहित विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं के भाग लेने की संभावना है. गुरुवार शाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल खुद इन सभी नेताओं को फोन किया. हालांकि आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने इस बैठक में उन्हें न बुलाए जाने पर नाराजगी जताई है. उधर, सूत्रों के हवाले से चल रही खबरों में कहा जा रहा है कि सिर्फ उन्हीं विपक्षी पार्टियों को बैठक का न्योता दिया गया है जिनके पास पांच या इससे ज्यादा सांसद हैं.