प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि लद्दाख में भारत की संप्रभुता पर कोई आंच नहीं आई है. उन्होंने यह बात भारत-चीन सीमा पर हालिया घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में शुक्रवार शाम बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में कही. इस बैठक में करीब 20 पार्टियों के नेता मौजूद थे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘न वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख की गलवान घाटी में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए.’

बीते सोमवार को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी. इसमें 21 भारतीय सैनिक शहीद हो गए. इसके बाद से दोनों देश एक दूसरे पर दूसरे पर सीमा के अतिक्रमण का आरोप लगा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र ने कहा कि भारत शांति और दोस्ती चाहता है लेकिन, वह अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. उनका कहना था, ‘अभी तक जिनसे कोई सवाल नहीं करता था, जिन्हें कोई नहीं रोकता था, अब हमारे जवान उन्हें कई सेक्टर्स में रोक रहे हैं, चेतावनी दे रहे हैं.’

उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जो हुआ उसमें खुफिया तंत्र की नाकामी जैसी कोई बात नहीं है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सर्वदलीय बैठक में सवाल उठाया था कि क्या इस पूरे मामले में इस मोर्चे पर कोई चूक हुई. सोनिया गांधी का यह भी कहना था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर बातचीत के सारे अवसरों का इस्तेमाल नहीं हुआ और इसका नतीजा यह हुआ कि 20 जानों का नुकसान हो गया.