आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जम्मू-कश्मीर के एक निलंबित पुलिस अधिकारी देविंदर सिंह को दिल्ली की एक अदालत से जमानत मिल गई. खबरों के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल डीएसपी के खिलाफ 90 दिन के भीतर चार्जशीट दायर करने में नाकाम रही. इसके बाद अदालत ने देविंदर सिंह को एक लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो अन्य मुचलकों पर जमानत दी है. इस मामले में एक और आरोपित इरफान शफी मीर को भी जमानत मिल गई है.

देविंदर सिंह को कुछ महीने पहले प्रतिबंधित संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के स्वयंभू जिला कमांडर नावीद बाबू सहित दो आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया गया था. इन सभी को दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग तब गिरफ्तार किया गया जब वे एक कार से कहीं जा रहे थे. उनके कब्जे से हथियार भी बरामद हुए थे.

2017 में पुलवामा पुलिस लाइन पर हुए आतंकी हमले के समय देविंदर सिंह पुलवामा में ही तैनात था. उसने अमेरिका सहित 15 देशों के राजदूतों के उस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भी किया था कि जो कुछ समय पहले जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गया था. तब वह श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात विशेष एंटी हाइजैकिंग यूनिट में तैनात था. उसकी गिरफ्तारी के बाद विपक्षी कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था. पार्टी नेता राहुल गांधी का आरोप था कि सरकार इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में है.