1-कोरोना वायरस से उपजी महामारी कोविड-19 दुनिया में कई तरह के बदलाव लेकर आई है. इनमें रिश्तों में आए बदलाव भी शामिल हैं. लॉकडाउन और इसके चलते अर्थव्यवस्था की मंदी से लोगों के आपसी रिश्तों में आए इन बदलावों को लेकर बीबीसी हिंदी पर यी-लिंग लिउ की रिपोर्ट.

कोरोना और लॉकडाउन: कहीं तलाक़ तो कहीं शादी, यूं बदल गई रिश्तों की दुनिया

2-बीते सोमवार को पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों में हुई झड़प में 21 भारतीय सैनिक शहीद हो गए. अतीत में चीन की सीमा संबंधी हरकतों को लेकर कोई कह सकता है कि चीन ने हमें धोखा दिया. लेकिन सरकार और मीडिया ने संसद में इस बारे में बीसियों बार उठे सवालों को अगर गंभीरता से लिया गया होता तो देश इस स्थिति के लिए तैयार होता. द प्रिंट हिंदी पर प्रीति सिंह की टिप्पणी.

संसद की बहसों की गंभीरता से लिया गया होता तो चीन को लेकर गफलत न होती

3-18 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयले के वाणिज्यिक उपयोग के लिए 41 कोल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत की है. यह कोयला नीलामी का इस सरकार द्वारा किया गया सबसे बड़ा प्रयास माना गया जो इसके छह सालों के कार्यकाल में 11वीं बार आयोजित हुआ. लेकिन बाजार का उत्साह इसे लेकर ठंडा ही दिखा. इस पूरे मुद्दे को लेकर डाउन टू अर्थ पर सत्यम श्रीवास्तव का लेख.

कोयला नीलामी प्रक्रिया: आपदा का अवसर में और तकलीफों का लतीफों में बदल दिया जाना

4-सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद मुंबई सिनेमा उद्योग का एक स्याह पहलू उभर कर सामने आया है. यह पहलू है भाई-भतीजावाद का. डॉयचे वेले हिंदी पर अपने इस लेख में फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज का कहना है कि मुंबई फिल्म उद्योग में सिफारिशों का किस्सा पुराना है.

बॉलीवुड में सिफारिशों का है पुराना सिलसिला

5-बीते दिनों केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दंतेवाड़ा के पास इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित पनबिजली परियोजना को पर्यावरणीय मंज़ूरी दी है. हालांकि इसके लिए चिह्नित ज़मीन पर वन्य प्रदेश और आदिवासियों की रिहाइश होने के चलते इसके उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं. द वायर हिंदी पर इरा झा की रिपोर्ट.

बोधघाट पनबिजली परियोजना: जंगल उजाड़कर जंगल के कल्याण की बात