चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को निर्देश दिए हैं कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी बड़ी कार्रवाई के लिए खुद को तैयार रखे. खबरों के मुताबिक चीन से लगती सीमा पर सैनिकों की तैनाती को लेकर अब तक चलन में रहे नियम यानी रूल्स ऑफ इंगेजमेंट भी बदल दिए गए हैं. इसका मतलब है कि अब विरोधी से झड़प होने पर बंदूक जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर पाबंदी नहीं होगी.

आज रूस दौरे पर रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने रविवार को एलएसी पर हालात का जायजा लिया. उन्होंने सीडीएस बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक बैठक की. सूत्रों के मुताबिक इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि जमीनी मोर्चे पर तैनात कमांडरों को स्थिति के मुताबिक कार्रवाई की पूरी छूट दी जाए. इसके अलावा वायु और नौ सेना को आकाश और समुद्र में किसी संदिग्ध गतिविधि पर निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं.

बीते सोमवार को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इसमें भारत के 21 सैनिक शहीद हो गए. इसके बाद से भारत और चीन के बीच तनाव है. इसके बीच स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिशें भी जारी हैं. चीन ने कहा है कि वह सीमा पर टकराव नहीं चाहता. उधर, भारत का कहना है कि वह भी टकराव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन दूसरे पक्ष की तरफ से अगर सीमा पर एकतरफा कार्रवाई के प्रयास हुए तो उनका माकूल जवाब दिया जाएगा.