पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के नेता मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वे अपने शब्दों के नतीजों को लेकर सतर्क रहें. एक बयान जारी कर उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री को ऐसा कुछ भी नहीं कहना चाहिए जिसे चीन अपने रुख को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल करें. मनमोहन सिंह ने कहा कि यह एक देश के रूप में सबके एकजुट होने का समय है.

मनमोहन सिंह का यह बयान भारत और चीन के बीच ताजा तनाव की पृष्ठभूमि में आया है. बीते सोमवार को लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इसमें भारत के 21 सैनिक शहीद हो गए. इसके बाद शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लद्दाख में कोई भी भारत की सीमा में नहीं घुसा है.

इस पर विपक्ष ने सवाल उठाए. कांग्रेस ने कहा कि अगर कोई भी भारतीय सीमा में नहीं घुसा तो क्या भारत के सैनिक चीन की सीमा में जाकर शहीद हुए. रक्षा क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने भी कहा कि प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद चीन कह सकता है कि वह अपने ही इलाके में है और भारत ने अतिक्रमण की कोशिश की है. विवाद होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस पर सफाई दी. उसने कहा कि बयान पर जानबूझकर गलत धारणा फैलाई जा रही है. पीएमओ ने अपने बयान में कहा, ‘जहां तक एलएसी पर अतिक्रमण की बात है तो साफ कहा गया है कि गलवान में 15 जून को जो हिंसा हुई उसके पीछे चीनी सेना की ओर से एक निर्माण की कोशिश थी और जब उसे मना किया गया तो वह पीछे हटने को तैयार नहीं हुई.’