64.5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दुनिया के 10 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल हो गए हैं. वे दुनियाभर के अमीरों के रैंकिंग इंडेक्स ब्लूमबर्ग बिलेनियर में नौंवे पायदान पर जगह बनाने में सफल हुए हैं. यह उपलब्धि हासिल करने वाले मुकेश अंबानी भारत ही नहीं बल्कि एशिया के भी पहले व्यक्ति हैं. ब्लूमबर्ग के इंडेक्स में अमेरिकी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी एमेजॉन के मालिक जेफ बेज़ोस पहले, माइक्रोसॉफ़्ट के मालिक बिल गेट्स दूसरे और फ़ेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग तीसरे पायदान पर काबिज़ हैं. इनकी कुल संपत्ति क्रमशः 160 अरब डॉलर, 112 अरब डॉलर और 90 अरब डॉलर है.

मुकेश अंबानी की यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि बीते कई महीनों से भारतीय अर्थव्यवस्था भारी अस्थिरता के दौर से गुज़र रही है. कोविड-19 महामारी और उससे निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था के लिए कोढ़ में खाज का काम किया है. इसके चलते देश के कई बड़े उद्योगपति और उनके व्यवसाय मंदी की चपेट में आकर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. लेकिन हाल ही में अपनी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म लिमिटेड को मिले 10 बड़े निवेशों के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए यह दौर काफी फायदेमंद रहा है. जियो प्लेटफ़ॉर्म के नए निवेशकों में फेसबुक, केकेआर एंड कंपनी, जनरल अटलांटिक, और सिल्वर लेक पार्टनर्स जैसी कंपनियां शामिल हैं. इनमें से यदि फ़ेसबुक की बात करें तो उसने बीते अप्रैल में जियो की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 43,574 करोड़ रुपये का समझौता किया है.

31 मार्च 2020 को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ पर एक लाख 62 हजार 35 करोड़ रुपए का कुल कर्ज़ था. लेकिन इसके बाद कंपनी में एक लाख 68 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का निवेश हुआ है. इसके चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज़ अपने लक्ष्य से क़रीब एक साल पहले ही क़र्ज़ मुक्त हो गई. कंपनी ने अपना पूरा क़र्ज़ उतारने के लिए 31 मार्च 2021 तक की समयसीमा तय की थी. इस मौक़े पर मुकेश अंबानी ने बयान दिया था कि ‘इतने कम समय में हुए कुल पूंजी निवेश को देखें तो दुनिया में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है. यह तब और भी असाधारण हो जाता है जब हम देखते हैं कि हमने यह सफलता कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया भर में हुए लॉकडाउन के बीच हासिल की है.’