भारत और चीन में गलवान घाटी को लेकर चल रहे तनाव और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच खबर आ रही है कि चीनी सेना ने लद्दाख में एक और मोर्चा खोल दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सैनिक देप्सांग प्लेन्स नाम की एक जगह के पास नियंत्रण रेखा को पार कर काफी भीतर तक घुस आए हैं. यह नियंत्रण रेखा को भारत के इलाके की तरफ खिसकाने की एक और कोशिश मानी जा रही है.

जिस जगह चीनी सेना का यह अतिक्रमण हुआ है उसे बॉटलनेक या वाई जंक्शन कहा जाता है. यह नियंत्रण रेखा से 18 किमी पीछे भारतीय सीमा में है. रणनीतिक रूप से अहम भारत की दौलत बेग ओल्डी हवाई पट्टी इससे 30 किलोमीटर दूर है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि चीनी सैनिकों के अलावा यहां पर भारी वाहन और विशेष सैन्य उपकरण भी मौजूद हैं. उधर, भारतीय सेना के सूत्रों का कहना है कि यह एक गंभीर मसला है कि क्योंकि चीनी सेना एक ऐसी जगह पहुंच गई है जहां से वह भारतीय सैनिकों की गश्त में बाधा पैदा कर सकती है. हालांकि सेना की मीडिया इकाई ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

वैसे 2013 में भी चीनी सेना ने इस जगह पर टेंट गाड़ दिए थे. भारत ने इसका विरोध किया था. तीन हफ्ते तक चली तनातनी के बीच कूटनीतिक कोशिशें हुईं और फिर यथास्थिति बहाल की गई.

खबर यह भी है कि गलवान घाटी में चीन ने उस जगह पर कुछ अतिरिक्त निर्माण करने शुरू कर दिए हैं जहां 15 जून को भारतीय और चीनी सैनिकों की झड़प हुई थी. इसमें 21 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और चीन के भी 43 सैनिकों के हताहत होने की खबरें आई थीं. खबरों के मुताबिक ताजा सेटेलाइट तस्वीरें बता रही हैं कि यहां पर दीवारें और खंदकें बनाई जा रही हैं. उधर, भारतीय सेना के अधिकारियों का कहना है कि इनकी पुष्टि होना बाकी है.