फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने वाले टिड्डियों के दल ने शनिवार को गुरूग्राम (गुड़गांव) में अफरा-तफरी मचा दी. साइबर हब कहे जाने वाले गुड़गांव का आसमान आज हजारों-लाखों टिड्डियों से ढका हुआ दिखाई दिया. इनके कहर के चलते लोगों को अपने घरों में बंद होना पड़ा. हालांकि प्रशासन द्वारा शुक्रवार शाम को ही इसकी चेतावनी दे दी गई थी और किसानों को बर्तन, टिन के डिब्बे या कुछ ऐसी चीजें पास रखने को कहा गया था जिनके शोर से टिड्डियों को भगाया जा सके. इसके बावजूद टिड्डी हमले से न सिर्फ लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा है बल्कि किसानों का भारी नुकसान भी हुआ है. इससे एक दिन पहले टिड्डी दल हरियाणा के रेवाड़ी जिले में फसलों का एक बड़ा हिस्सा चौपट कर चुका है.

भारत में इस साल टिड्डियों का पहला हमला अप्रैल की शुरुआत में राजस्थान में हुआ था. ये टिड्डियां पाकिस्तान से भारत में दाखिल हुई हैं. आमतौर पर इनका असर पश्चिमी राजस्थान के जिलों तक रहता है. लेकिन इस बार ये राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में पहुंचीं. फसलें चट करती हुईं ये टिड्डियां एक दिन में 200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती हैं. यानी ये बहुत कम समय में बहुत बड़े इलाके में खेती-बाड़ी तबाह कर सकती हैं. फिलहाल इन पर कीटनाशकों का छिड़काव भी किया जा रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने इस पर चर्चा करने के लिए आपात बैठक भी बुलाई है. बताया जा रहा है कि दिल्ली के मेहरौली, छतरपुर इलाकों तक टिड्डियों का दल पहुंच चुका है. वहीं, कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा का रुख अगर ऐसा ही बना रहा तो दिल्ली टिड्डियों के आतंक से बच सकती है. वैज्ञानिक आने वाले एक-दो दिनों में टिड्डी दल के नोएडा-ग्रेटर नोएडा से होते हुए उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ जाने की संभावना जता रहे हैं.