राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए चीन से फंड लेने के भाजपा के आरोपों के बाद कांग्रेस ने केंद्र में सत्ताधारी पार्टी पर पलटवार किया है. उसने कहा है कि भारतीय सीमा में चीन की घुसपैठ के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड में चीनी कंपनियों से पैसा लिया. एक बयान में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘खबरों के मुताबिक 20 मई 2020 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विवादास्पद फंड में 9678 करोड़ रु स्वीकार किए थे. चौंकाने वाली बात यह है कि चीनी सैनिकों के हमारी सीमा में घुस आने के बावजूद प्रधानमंत्री ने फंड में चीनी कंपनियों से पैसा लिया.’ उन्होंने प्रधानमंत्री पर चीन के लिए दिल में नर्म कोना रखने का आरोप भी लगाया.

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए उनके पास कई सवाल हैं. उनका कहना था, ‘क्या पीएम ने विवादों में घिरी कंपनी ह्वावे से सात करोड़ रु लिए हैं? क्या ह्वावे का चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी से सीधा संबंध है? क्या चीनी कंपनी टिक टॉक ने विवादास्पद पीएम केयर्स फंड में 30 करोड़ का दान करवाया है? क्या 38 फीसदी चीनी हिस्सेदारी वाली पेटीएम ने इस फंड में 100 करोड़ रु दिए हैं? क्या चीनी कंपनी शाओमी ने इसमें 15 करोड़ रु देने का वादा किया है? क्या चीनी कंपनी ओप्पो ने इस विवादास्पद फंड में एक करोड़ रु दिए हैं?’

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005 से 2009 तक चीनी दूतावास से दान मिला था. पार्टी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस तरह के आरोप लगाए थे. उन्होंने सवाल किया था कि सरकार की अनुमति के बिना जब इस तरह की फंडिंग को मंजूरी नहीं मिल सकती तो कांग्रेस पार्टी ने कैसे चीन से पैसे ले लिए.