उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को कहा कि भारत-चीन सीमा विवाद पर वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ खड़ी हैं. इस मसले पर दिए एक बयान में मायावती का कहना था, ‘बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भारत-चीन सीमा विवाद के मुद्दे पर भाजपा के साथ खड़ी है. भाजपा और कांग्रेस द्वारा भारत-चीन सीमा मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति राष्ट्रहित में नहीं है. यह बहुत चिंता की बात है.’ मायावती के मुताबिक भारत में चल रही इस तरह की राजनीति का फायदा चीन उठा सकता है. साथ ही आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के चलते देश में दूसरे जरूरी मुद्दों की अनदेखी हो रही है, जिसका आम लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

यह बयान देते हुए बसपा सुप्रीमो ने साफ किया कि बसपा किसी के दबाव में काम करने वाली पार्टी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं भाजपा और कांग्रेस को बताना चाहती हूं कि बसपा किसी के लिए खिलौना नहीं है. यह राष्ट्रीय स्तर पर गठित एक स्वतंत्र पार्टी है.’

मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे लॉकडाउन के दौरान परेशानी उठाकर घर लौटे मजदूरों की इस दशा के लिए जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान जो श्रमिक अपने पैतृक राज्य में लौटे हैं, वे जिस वक्त कांग्रेस सत्ता में थी उसी दौरान काम के लिए अन्य राज्यों में गए थे. अगर कांग्रेस ने उनकी मदद के लिए कुछ किया होता तो रोजगार की तलाश में वे दूसरे राज्यों की ओर रुख नहीं करते...भाजपा को कांग्रेस से कुछ सीख लेनी चाहिए और उन्होंने जो भी किया उसे दोहराना नहीं चाहिए.’ मायावती ने यह भी जोड़ा कि बसपा का गठन ही तब किया गया जब कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के लिए कुछ नहीं कर पायी.