केंद्र के प्रतिबंध के बाद टिकटॉक इंडिया की प्रतिक्रिया आ गई है. कंपनी के मुखिया निखिल गांधी ने एक बयान जारी कर कहा है कि यूजर्स की निजता कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनका डेटा किसी भी विदेशी सरकार के साथ साझा नहीं किया गया जिसमें चीन की सरकार भी शामिल है. टिकटॉक की पेरेंट कंपनी बाइटडांस चीन की ही है. निखिल गांधी का यह भी कहना था कि सरकार ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है.

केंद्र सरकार ने 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है. इनमें टिकटॉक, शेयर इट, यूसी ब्राउजर, हेलो, कैम स्कैनर और लाइकी जैसे लोकप्रिय एप शामिल हैं. उसने यह कार्रवाई आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत की है. इसके तहत सरकार देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिहाज से इस तरह की कार्रवाई कर सकती है. एक बयान में सूचना और तकनीकी मंत्रालय ने कहा है कि उसे काफी शिकायतें मिली थीं जिनमें कहा गया था कि इन एप्स का दुरुपयोग हो रहा है. उसके मुताबिक इन एप्स से डेटा को अवैध तरीके से भारत के बाहर पहुंचाया जा रहा था. मंत्रालय का यह भी कहना था कि देश की सुरक्षा के लिए यह बहुत गंभीर मसला था इसलिए इ्स5 तरह की आपात कार्रवाई जरूरी हो गई थी.

टिकटॉक पर एक बार पहले भी प्रतिबंध लगा था. यह बीते साल की बात है. लेकिन अदालती हस्तक्षेप के चलते यह कुछ दिन बाद ही हट गया था. लेकिन इस बार माना जा रहा है कि गलवान घाटी प्रकरण के चलते सरकार चीन को सख्त संदेश देना चाहती है.