हाल ही में तमिलनाडु में एक पिता और उसके बेटे की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद देशभर में नाराज़गी का माहौल है. इसी दौरान आई एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2001 से 2018 के बीच में देशभर में 1,727 लोगों को पुलिस हिरासत के दौरान जान से हाथ धोना पड़ा है. इनमें से अधिकतर ने हिरासत के दौरान दी गई यातना की वजह से दम तोड़ दिया था. इनमें से कई तो ऐसे थे जिन्हें गिरफ़्तार तो कर लिया गया था. लेकिन कोर्ट में पेश नहीं किया गया. आंकड़े बताते हैं कि इन सभी मामलों में से कुछ की ही जांच किसी नतीजे पर पहुंची जिसके चलते सिर्फ़ 26 दोषी पुलिसकर्मियों को सजा हुई है.

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2001 से 2018 के बीच तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत में हुई सौ मौतों के लिए किसी भी पुलिसकर्मी को सजा नहीं दी गई. वहीं उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओड़िशा दोषी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के मामले में कुछ बेहतर नज़र आए. पुलिस द्वारा किए गए उत्पीड़न के अलावा हिरासत में कई कैदियों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान और आत्महत्या की वजह से भी हुई है.

ग़ौरतलब है कि बीती 19 जून को तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पुलिस ने 59 वर्षीय जयराज और उनके 31 वर्षीय बेटे बेनिक्स इमानुएल को निर्धारित समय के बाद भी मोबाइल की दुकान खोले रखने के गिरफ़्तार किया था. हिरासत में पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र को अमानवीय यातनाएं दी. बाद में दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां चार दिनों के बाद उनकी मौत हो गई थी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अस्पताल ले जाते समय जयराज और बेनिक्स के गुप्तांगों से इतना ख़ून बह गया था कि सात बार उनकी लुंगियों को बदलना पड़ा. इस पूरे मामले पर जयराज की बेटी फारस का कहना था कि, ‘मेरे पिता और भाई पर इस तरह से टॉर्चर किया गया कि एक महिला होने के नाते मैं उसका वर्णन भी नहीं कर सकती. यह डबल मर्डर है.’

फिलहाल संबंधित सथानकुलम पुलिस थाने पर मौज़ूद सभी पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है. वहीं, मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने मामले की जांच को सीबीआई के सुपुर्द करने के साथ पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये और उसके एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. मगंलवार को मद्रास हाई कोर्ट ने जयराज और बेनिक्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज़ करने के निर्देश दिए हैं.