तमिलनाडु में हिरासत में दो लोगों की मौत के मामले में चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर अब हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. 19 जून को तूतीकोरिन में हुई इस घटना पर देश भर में आक्रोश है. बताया जाता है कि पुलिस ने मृतक पिता-पुत्र को लॉकडाउन के लिए तय समय से 15 मिनट ज्यादा दुकान खोलने के चलते हिरासत में लिया था जिसके बाद उन्हें यातनाएं दी गईं. बुरी तरह घायल दोनों व्यक्तियों की बात में मौत हो गई.

तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (सीबी-सीआईडी) शंकर का कहना है, ‘आईपीसी की धारा 302 लगाने के लिए एफआईआर में बदलाव किए गए हैं. आईजी के तहत क्राइम ब्रांच और सीआईडी की 12 टीमें मामले की हर कोण से जांच कर रही हैं.’ इससे पहले पुलिस ने सिर्फ संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत का मामला दर्ज किया था.

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने इस मामले की अलग से जांच करवाई थी. इसके बाद उसने सीबी-सीआईडी से कहा था कि सीबीआई के मामले का चार्ज लेने से पहले वह जांच की कमान तूतीकोरिन पुलिस से अपने हाथ में ले ले. अदालत ने यह भी कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का आधार है. इससे पहले हाई कोर्ट को यह भी बताया गया था कि पुलिस स्टेशन के जो सीसीटीवी फुटेज इस घटना के संबंध में अहम सबूत साबित हो सकते थे उन्हें मिटा दिया गया है.