अमेरिका ने ऐसे सभी विदेशी छात्रों से देश छोड़ने को कहा है जिनकी क्लासें अब ऑनलाइन हो रही हैं. एक बयान में यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम इनफोर्समेंट (आईसीई) ने कहा है कि ऑनलाइन क्लासें दे रहे छात्रों को अगले सेमेस्टर का वीजा भी जारी नहीं किया जाएगा. उसके मुताबिक ऐसे छात्रों के पास दूसरा विकल्प यह है कि वे किसी ऐसे शिक्षण संस्थान में ट्रांसफर करा लें जहां क्लासें सामान्य रूप से चल रही हों.

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में पहले स्थान पर चल रहे अमेरिका में कई शिक्षण संस्थान अब पूरी तरह से ऑनलाइन क्लासें चला रहे हैं. इनमें हार्वर्ड विश्वविद्यालय भी शामिल है. संस्थान का कहना है कि कैंपस खुलने पर 40 फीसदी छात्रों को लौटने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन क्लासें सिर्फ ऑनलाइन होंगी.

इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन के मुताबिक 2018-19 के सत्र के दौरान अमेरिका में 10 लाख से भी ज्यादा विदेशी छात्र थे. यह आंकड़ा वहां उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों का करीब साढ़े पांच फीसदी था. एक अनुमान के मुताबिक 2018 में विदेशी छात्रों का अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान 44.7 अरब डॉलर था. इन छात्रों में सबसे बड़ी संख्या चीनियों की थी. इसके बाद भारत, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब और कनाडा का स्थान था.