केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को नौवीं से बारहवीं कक्षा का पाठ्यक्रम 30 फीसदी तक घटाए जाने की घोषणा की है. यह व्यवस्था 2020-21 सत्र के लिए लागू होगी. यह फैसला कोरोना वायरस महामारी के दौरान बनी विषम परस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सीबीएसई बोर्ड ने एक ट्वीट के जरिये इस बात की जानकारी दी है.
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी इस फैसले जुड़ी जानकारी साझा की है. उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में कोरोना वायरस के चलते बनीं असाधारण स्थिति को देखते हुए सीबीएसई को सलाह दी गई थी कि वो नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में कमी करे. निशंक ने ये भी बताया, ‘अपने इस फैसले के लिए कुछ हफ्ते पहले मैंने शिक्षाविदों से सुझाव मांगे थे और मुझे इस मामले में डेढ़ हज़ार से ज्यादा सुझाव मिले.’
कोरोना वायरस महामारी के चलते देश भर में बीते मार्च से स्कूल और कॉलेज बंद हैं. इस वजह से सीबीएसई की परीक्षाएं भी नहीं हो पा रही हैं. बोर्ड ने बची हुई परीक्षाएं एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच करवाने की घोषणा की थी. लेकिन, कुछ अभिभावक इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. इनका कहना था कि अगर अभी परीक्षाएं करवाई गयीं तो इससे बच्चों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है. इसके बाद सरकार ने परीक्षाएं रद्द कर दी थीं.
CBSE brings big respite to students, reduces syllabus for classes IX-XII: Central Board of Secondary Education (CBSE) pic.twitter.com/5sxM6fLEFR
— ANI (@ANI) July 7, 2020
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