कथित वित्तीय गड़बड़ियों के सिलसिले में गांधी परिवार से जुड़े तीन ट्रस्टों की जांच होगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति बनाई है. एक ट्वीट में उसने यह जानकारी दी है. इस जांच समिति की अगुवाई प्रवर्तन निदेशालय के मुखिया करेंगे.

गांधी परिवार से जुड़े तीन ट्रस्टों पर भाजपा आयकर और दान से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाती रही है. ये ट्रस्ट हैं राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट. कुछ दिन पहले राजीव गांधी फाउंडेशन को विभिन्न स्रोतों से धन मिलने का आरोप लगाते हुए भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से स्पष्टीकरण देने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि मनमोहन सिंह ने वित्तमंत्री रहते 1991 के बजट में फाउंडेशन को 100 करोड़ रुपए दिए थे.

जेपी नड्डा ने यह आरोप भी लगाया था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से भी पैसे मिलते थे. उनका आगे कहना था, ‘वर्ष 2006 से 2009 तक फाउंडेशन को टैक्स हैवेन लक्जेमबर्ग से भी भारी चंदा मिलता रहा. इससे क्या संकेत मिलता है? इससे यही साबित होता है कि ऐसे एनजीओ और कंपनियां जिनके भारत में गहरे व्यापारिक हित हैं उन्होंने फाउंडेशन को भरपूर पैसा दिया.’