पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव के मामले में दूसरा कांसुलर एक्सेस (राजनयिक पहुंच) देने की बात कही है. बुधवार को पाकिस्तान के एडिशनल एटॉर्नी जनरल अहमद इरफान ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि ‘पहले हमने कुलभूषण की पत्नी और मां को मिलने की अनुमति दी थी. अब उनकी पत्नी और पिता को मिलने का बुलावा दे चुके हैं.’ पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में हुई इस कॉन्फ्रेंस में मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया है कि कुलभूषण जाधव ने अपनी सजा पर पुनर्विचार याचिका लगाने से मना कर दिया है और चाहते हैं कि उनकी दया याचिका को आगे बढ़ाया जाए. इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग को कुलभूषण जाधव की तरफ से इस्लामाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त करने की सलाह भी दी है.

भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने मार्च 2016 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था. अप्रैल 2017 में वहां की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी. भारत की आपत्ति के बाद इस मामले पर सुनवाई करते हुए, बीते साल जुलाई में हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने फैसला दिया था कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की समीक्षा और पुनर्विचार करना चाहिए.

जाधव के मामले में भारत हमेशा कहता रहा है कि उनका ईरान से अपहरण किया गया जहां वे सेवानिवृत्ति के बाद कारोबार कर रहे थे. अब पाकिस्‍तान चालबाज़ी दिखाते हुए आईसीजे के फैसले उलट पुनर्विचार याचिका ही नहीं दायर करने दे रहा है.