कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना देने के आरोपित निलंबित एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा को गिरफ़्तार कर लिया गया है. आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल ने बुधवार को मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए बताया, ‘चौबेपुर के पूर्व थानाध्यक्ष विनय तिवारी और बीट इंचार्ज (दरोगा) केके शर्मा को गिरफ्तार किया गया है. वे कानपुर एनकाउंटर के दौरान मौजूद थे, लेकिन ऑपरेशन के दौरान घटना स्थल से भाग गए.’ कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार प्रभु ने कहा, ‘सबूतों से यह पता चलता है कि विनय तिवारी और केके शर्मा ने विकास दुबे को पहले से छापामारी की सूचना दी थी. इसलिए वह सतर्क था और उसने पुलिस पर हमला करने की योजना बनाई जिसके परिणाम स्वरूप आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई.’

इससे पहले आज सुबह आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित और गैंगस्टर विकास दुबे को दिल्ली से सटे फरीदाबाद में देखा गया. बताया जाता है कि वह एक होटल में रुकने की कोशिश कर रहा था. सूचना मिलने पर पुलिस ने होटल पर छापा मारा, लेकिन इससे पहले ही वह भाग निकला. छापे में उसके दो साथी गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें से एक उसकी छिपने में मदद कर रहा था जबकि दूसरा उसके गांव का ही था.

बीते हफ्ते कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके साथियों ने छापा मारने आई पुलिस की एक टीम पर हमला कर दिया था. इसमें एक डीएसपी सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसके बाद चौबेपुर थाने से संबंधित सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर कर दिया गया था. साथ ही एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा को विकास दुबे से संबंध रखने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था.

घटना के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस की 100 टीमें विकास दुबे की तलाश में जुटी हैं. फरीदाबाद और गुरुग्राम हाई अलर्ट पर हैं और दिल्ली पुलिस को भी अलर्ट किया गया है. चर्चाएं हैं कि विकास दुबे दिल्ली-एनसीआर में आत्मसमर्पण कर सकता है. बुधवार को इस गैंगस्टर पर ईनाम की रकम को ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दिया गया है.