गैंगस्टर विकास दुबे के दो और सहयोगी पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं. खबरों के मुताबिक इनमें से पहली मुठभेड़ हरियाणा के फरीदाबाद में हुई. यहां एक होटल से गिरफ्तार उसके सहयोगी प्रभात को एक अन्य व्यक्ति के साथ कानपुर लाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की. पुलिस की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई हुई. प्रभात के पैर में गोली लगी. घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया.

दूसरी मुठभेड़ इटावा में हुई. यहां विकास का साथी और 50 हजार रु का ईनामी बदमाश बउवा दुबे अपने साथियों के साथ एक कार लूटकर भाग रहा था. सूचना मिलने पर पुलिस ने कार का पीछा किया. बताया जा रहा है कि इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसके बाद कार से बउवा दुबे का शव बरामद हुआ.

बीते हफ्ते उत्तर प्रदेश के कानपुर में गैंगस्टर विकास दुबे और उसके साथियों ने छापा मारने आई पुलिस की एक टीम पर हमला कर दिया था. इसमें एक डीएसपी सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसके बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस की 25 टीमें विकास दुबे की तलाश में जुटी हैं. विकास दुबे को छापे की पूर्व सूचना देने के आरोप में स्थानीय थाने के एसएचओ को गिरफ्तार कर लिया गया है. पूरे थाने को लाइनहाजिर कर दिया गया है और 60 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच जारी है. दूसरी तरफ चर्चा है कि विकास दुबे नोएडा के फिल्म सिटी स्थित किसी न्यूज चैनल में सरेंडर कर सकता है. इसे देखते हुए इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है