पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना ने अब पैंगॉन्ग झील किनारे स्थित उस जगह से भी पीछे हटना शुरू कर दिया है जहां उसने भारत के विरोध के बावजूद टेंट लगा लिए थे. इस जगह को बेस ऑफ फिंगर फोर कहा जाता है. गलवान घाटी सहित दूसरी जगहों से चीनी सैनिक पहले ही पीछे हट चुके हैं. पैंगॉन्ग झील के पास टकराव वाली जगह से पीछे हटने का चीनी सेना का फैसला दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच अगले हफ्ते प्रस्तावित वार्ता से पहले आया है. इसे दोनों देशों के बीच तनाव छंटने के लिहाज से अच्छी खबर माना जा रहा है.

बीते मई में शुरू हुआ यह तनाव 15 जून को तब चरम पर पहुंच गया था जब गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हो गई थी. इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए तो चीन के भी कई सैनिकों के हताहत होने की खबरें आईं. इसके बाद चीन ने गलवान घाटी सहित कई इलाकों पर दावा किया जिसे भारत ने खारिज कर दिया. अब दोनों पक्षों के सैन्य कमांडरों के बीच कई वार्ताओं के बाद सहमति बनी है कि दोनों देशों की सेनाएं अपनी-अपनी जगहों से पीछे हटेंगी और बीच में एक नो मैंस लेंड यानी बफर जोन होगा.