प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एशिया के सबसे बड़े सोलर एनर्जी प्लांट का उद्घाटन किया है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस प्रोजेक्ट की शुरूआत करते हुए उनका कहना था कि ‘आज रीवा ने इतिहास रच दिया है. अब एशिया के सबसे बड़े सोलर प्रोजेक्ट का नाम रीवा के साथ जुड़ गया है. भारत दुनिया के पांच सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा पैदा करने वाले देशों में पहुंच गया है.’ पीएम मोदी ने इसे हाल ही में शुरू किए आत्मनिर्भर अभियान से भी संबंधित बताया और कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत के लिए एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है. इसमें सौर ऊर्जा बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाली है. सौर पैनल और दूसरे सौर उपकरणों के आयात को लेकर हमें दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता को कम करना होगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 1590 एकड़ में फैले 750 मेगावाट वाले रीवा सोलर प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया. इस प्रोजेक्ट में 250-250 मेगावाट वाली तीन सोलर जेनेरेटिंग यूनिट लगाकर सोलर पार्क तैयार किया गया है. सोलर पार्क को मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम की इकाई, रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएस) और केंद्र सरकार की ऊर्जा कंपनी, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) ने मिलकर तैयार किया है. इसकी लागत 138 करोड़ रुपए बताई जा रही है.

पर्यावरण के लिहाज से देखें तो सोलर प्रोजेक्ट से कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलती है. अकेले रीवा प्रोजेक्ट से सालभर में 15 लाख टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा. इस प्रोजेक्ट को भारत की उस बड़ी योजना का हिस्सा बताया जा रहा है जिसके तहत सरकार ने साल 2022 तक 175 गीगावाटा तक नवीनीकरण ऊर्जा पैदा करने के लिए परियोजनाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा है.

रीवा सोलर प्रोजेक्ट, मध्य प्रदेश का ऐसा पहला नवीनीकरण ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) प्रोजेक्ट है जो राज्य से बाहर किसी संस्थागत ग्राहक को बिजली सप्लाई करेगा. यानी, इस प्रोजेक्ट के तहत पैदा की जाने वाली ऊर्जा में से 24 फीसदी ऊर्जा दिल्ली मेट्रो को सप्लाई की जाएगी. वहीं, 76 फीसदी ऊर्जा मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों को दी जाएगी.