महाराष्ट्र सरकार ने पुणे में 13 से 23 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है. यह लॉकडाउन पुणे और उसके पडोसी जिले पिंपरी-चिंचवाड़ में लागू होगा. शुक्रवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, ‘यदि हमें कोरोना वायरस की चेन को तोड़ना है तो यह तय करना होगा कि लोगों के बीच कोई संपर्क न हो. आप इंग्लैंड का उदाहरण ही ले लीजिए, उन्होंने फिर से लॉकडाउन लगाया. जब कभी लोग नियमों का पालन न करें तो लॉकडाउन लगाने जैसे निर्णय लेने पड़ते हैं. हमने ठाणे में भी इसी तरह का लॉकडाउन लगाया. जब किसी जगह पर संक्रमण बढ़ता है, ऐसे फैसले लिए जाते हैं.’

अजीत पवार ने आगे कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के लोगों को अगले दो दिनों के भीतर जरूरी चीजें खरीद लेनी चाहिए, क्योंकि इसके बाद केवल आवश्यक सेवाएं ही खुली रहेंगी. बीते गुरूवार को पुणे में रिकॉर्ड 1803 कोरोना संक्रमित सामने आये थे जिसके बाद मरीजों का कुल आंकड़ा 34,399 पहुंच गया. यहां अब तक 978 लोगों की कोरोना वायरस के चलते मौत हो चुकी है.

पूरे भारत की बात करें तो देश में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है. शुक्रवार की शाम संक्रमितों का आंकड़ा आठ लाख के पार हो गया. पिछले 24 घंटे में 13,300 नए मामले सामने आने के साथ ही देश में अब संक्रमितों की कुल संख्या 8,08,142 हो गई है. सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में 2,30,599 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि तमिलनाडु में मरीजों की कुल संख्या 1,30,261 हो चुकी है. इसके बाद राजधानी दिल्ली का नंबर आता है, यहां कोरोना के मरीजों की संख्या 1,07,051 है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज कहा कि देश में रोजाना दो लाख से ज्यादा कोरोना के टेस्ट हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हम लगातार टेस्ट की संख्या बढ़ा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा मामलों को सामने ला सकें. अब तक कुछ छोटे इलाके को छोड़ दिया जाए तो, कहीं भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं है. जो छोटे इलाके हैं, वहां धीरे-धीरे हालात नियंत्रण में हैं. रिकवरी रेट भी बढ़ता जा रहा है. यह अब 63 फीसदी हो गया है.’