भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुखिया शक्तिकांत दास ने कहा है कि लॉकडाउन में ढील के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के सामान्य होने के संकेत दिखने लगे हैं. खबरों के मुताबिक आरबीआई मुखिया ने यह बात एसबीआई बैंकिंग और इकनॉमिक्स कॉन्क्लेव नाम के एक कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार के साथ एक चर्चा के दौरान कही. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस बीती एक सदी के दौरान अर्थव्यवस्था पर आया सबसे बड़ा संकट है जिसने उत्पादन से लेकर रोजगार तक हर मोर्चे पर बुरा असर डाला है. शक्तिकांत दास का यह भी कहना था कि भारतीय बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था इस संकट का मुकाबला करने में सक्षण है.

आरबीआई मुखिया के मुताबिक मौजूदा दौर में आर्थिक वृद्धि बहाल करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. उनका कहना था कि रिजर्व बैंक ने आर्थिक तंत्र को की सुरक्षा और मौजूदा संकट में अर्थव्यवस्था को सहयोग देने के लिए कई कदम उठाए हैं. शक्तिकांत दास ने दावा किया कि संकट के इस समय में भारतीय कंपनियों और उद्योगों ने बेहतर काम किया है.

कोरोना वायरस से उपजे संकट ने भारत समेत सभी देशों की अर्थव्यवस्था को बेपटरी कर दिया है. माना जा रहा है कि इसके चलते बीते चार दशक में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सिकुड़न आएगी. अलग-अलग एजेंसियों के मुताबिक इस साल सिकुड़न का यह आंकड़ा पांच से साढ़े 12 फीसदी तक हो सकता है.