उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में दो जुलाई की रात को हुई मुठभेड़ की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन कर दिया है. जिले के बिकरु गांव में हुई इस मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे और उसके साथियों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. इसके एक हफ्ते बाद विकास दुबे को भी पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया.

एसआईटी उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में बनी है. एडीजी हरिराम शर्मा और डीआईजी जे रवींद्र गौड़ भी इसके सदस्य हैं. इसे 31 जुलाई तक जांच पूरी करके रिपोर्ट देनी है. यह एसआईटी आठ पुलिसकर्मियों की मौत से जुड़े विभिन्न पहलुओं, विकास दुबे को संरक्षण देने वालों और पुलिसकर्मियों से उसके संबंधों की जांच करेगी.

विकास दुबे को गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन से पकड़ा गया था. इसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एक टीम उसे कानपुर ला रही थी. पुलिस के मुताबिक काफिले की जिस गाड़ी में विकास दुबे बैठा हुआ था वह शुक्रवार सुबह हादसे का शिकार होकर पलट गई. यह हादसा कानपुर से कुछ ही किलोमीटर पहले हुआ. जानकारी के अनुसार इस हादसे के बाद विकास दुबे ने पुलिस की बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की. लेकिन इसी दौरान पुलिस ने उसे मार गिराया.