राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने साथ 102 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है. राज्य में पार्टी के विधायक आज शक्ति प्रदर्शन के लिए उनके आवास पर इकट्ठा हुए. उधर, बागी तेवर अपनाकर दिल्ली में बैठे हुए राजस्थान कांग्रेस के मुखिया और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अशोक गहलोत के दावे को झूठा बताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे हैं क्योंकि 25 विधायक तो उनके साथ राजधानी में बैठे हैं. 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस सरकार के पास पार्टी के 107 विधायकों सहित 122 सदस्यों का समर्थन है.

उधर, इस संकट को सुलझाने जयपुर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने सचिन पायलट से वापस आने और पार्टी नेतृत्व से बात करने की अपील की है. आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘सचिन हमारे अपने हैं. वे परिवार के सदस्य हैं. अगर सदस्य असंतुष्ट होता है तो वो अपने घर में बात रखता है और समस्या का निदान होता है. हम सचिन की हर बात सुनने के लिए तैयार हैं.’

रणदीप सुरजेवाला का यह भी कहना था कि सचिन पायलट समेत सभी बागी नेताओं के लिए पार्टी नेतृत्व के दरवाजे हमेशा खुले थे, हैं और रहेंगे. उन्होंने कहा, ‘व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा हो सकती है लेकिन राजस्थान को लोगों की भलाई सबसे बड़ी है. मैं सभी विधायकों, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से अपील करता हूं इस विधायक दल की बैठक में शामिल हों...व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा के लिए चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना वाजिब नहीं है.’

इस बीच, खबर है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कई करीबियों पर आयकर विभाग और ईडी ने छापामारी की है. यह कार्रवाई दिल्ली और राजस्थान में कई जगहों पर की गई है. सोमवार सुबह आयकर विभाग की एक टीम ने अशोक गहलोत के करीबी और एक जूलरी फर्म के मालिक राजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापामारी की. कांग्रेस ने यह कहते हुए इस पर एतराज जताया है कि इस कार्रवाई की सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई थी और आयकर विभाग की टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस को साथ लेकर इसे अंजाम दे रही है. उधर, अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत के कारोबारी साझीदार रविकांत शर्मा पर ईडी ने छापामारी की है.