राजस्थान में सचिन पायलट को राज्य कांग्रेस के मुखिया और उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया है. पार्टी नेतृत्व की अपील के बावजूद वे मंगलवार को जयपुर में हुई विधायक दल की दूसरी बैठक में भी नहीं आए. खबरों के मुताबिक इसके बाद बैठक में उनके खिलाफ कार्रवाई प्रस्ताव पारित किया गया. विधायक दल की बैठक से गायब रहे उनके समर्थक दो मंत्रियों को भी हटा दिया गया है. समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले खबर दी है कि विधायक दल की बैठक में मौजूद रहे सभी विधायकों ने सचिन पायलट को पार्टी से निकालने की मांग भी की है.

इससे पहले, सचिन पायलट ने सोमवार शाम को कहा था कि उनका राहुल गांधी से मुलाकात करने का कोई विचार नहीं है. उन्होंने भाजपा में जाने की अटकलों को भी खारिज किया था. सचिन पायलट के दफ्तर ने हरियाणा से एक वीडियो भी जारी किया था. इसमें कुछ विधायक उनके साथ बैठे दिखे थे.

राजस्थान में कांग्रेस के पास अब तक 122 विधायकों का समर्थन था. इनमें 107 उसके और 15 निर्दलीय विधायक थे. सचिन पायलट की बगावत से समीकरण बदल गए हैं. हालांकि अशोक गहलोत समर्थकों ने अपने साथ 106 विधायक होने का दावा किया है. राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं और इस तरह यह आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी संख्या से पांच ज्यादा है. उधर, सचिन पायलट का कहना है कि सरकार अल्पमत में है. बताया जा रहा है कि आज हुई बैठक में अशोक गहलोत के समर्थकों की संख्या 102 रही.