कांग्रेस ने राजस्थान में सचिन पायलट और उनके बागी साथियों को अयोग्य घोषित करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. खबरों के मुताबिक पार्टी की शिकायत के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इन सभी 19 असंतुष्ट विधायकों को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब मांगा है. नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और कांग्रेस विधायक दल की दो बैठकों में शामिल नहीं होने पर उन्हें अयोग्य क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए? कल हुई विधायक दल की दूसरी बैठक में सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष पद और राज्य के उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था. उनके समर्थक दो मंत्री भी हटा दिए गए हैं. चर्चा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज नए सिरे से कैबिनेट के गठन पर काम शुरू कर सकते हैं.

माना जा रहा है कि सचिन पायलट और बागी विधायकों के बर्खास्त होने से अशोक गहलोत को फायदा होगा क्योंकि इससे राजस्थान विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 101 सदस्यों का आंकड़ा नीचे आ जाएगा. इस बीच, सचिन पायलट ने एक बार फिर कहा है कि वे भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं. खबरों के मुताबिक उनका कहना था, ‘अभी भी मैं कांग्रेस का मेंबर हूं. कुछ लोग मेरा नाम भाजपा से जोड़ रहे हैं. मेरी इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही है.’ उन्होंने बगावत क्यों की, इस सवाल पर उनका कहना था कि वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इतना ही चाहते थे कि वे जनता से किए गए वादे पूरे करें. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर चर्चा का कोई मंच बचा ही नहीं था.