रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंदेशा जताया है कि लद्दाख मसले को लेकर चीन से हो रही बातचीत एक बेनतीजा कवायद हो सकती है. शुक्रवार लद्दाख पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा ‘सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है लेकिन यह किस हद तक मसले को सुलझा पाएगी, मैं इसकी गारंटी नहीं दे सकता. लेकिन मैं आपको इस बात का यकीन दिला सकता हूं कि दुनिया की कोई भी ताकत हमारी एक इंच जमीन भी नहीं ले सकती है. अगर बातचीत से हल निकल आए तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं है.’

रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब बीते कई हफ्तों से भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच लद्दाख सीमा विवाद सुलझाने को लेकर बैठकें चल रही हैं. गुरूवार को दोनों सेनाओं के बीच हुई चौथे चरण की बातचीत खत्म हुई है जिस पर सेना का कहना था कि यह सीमा विवाद एक जटिल प्रक्रिया है और इसे लगातार वेरिफाई करते रहने की ज़रूरत है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को लद्दाख और जम्मू कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के लिए लेह पहुंचे थे. उनकी इस यात्रा में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत भी उनके साथ हैं. रक्षा मंत्री फॉरवर्ड एरिया में जवानों से मिलने के बाद एलएसी पर सुरक्षा हालात का जायजा लेंगे और शनिवार को जम्मू-कश्मीर में जाएंगे.

बीते मई में भारत-चीन के बीच शुरू हुआ तनाव 15 जून को तब चरम पर पहुंच गया था जब गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हो गई थी. इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए तो चीन के भी कई सैनिकों के हताहत होने की खबरें आईं. इसके बाद चीन ने गलवान घाटी सहित कई इलाकों पर दावा किया जिसे भारत ने खारिज कर दिया था.