टकराव के बीच दिल्ली पुलिस कमिश्नर केजरीवाल से मिले | सोमवार, 20 जुलाई 2015
दिल्ली पुलिस के नियंत्रण को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार में चल रही तनातनी के बीच दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. बस्सी ने केजरीवाल को राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में कुछ दिन पहले हुई एक 19 वर्षीय लड़की की हत्या के बाद केजरीवाल ने बस्सी को तलब किया था. इस मुलाकात के दौरान कुछ मुद्दों को लेकर दोनों के बीच नोक-झोंक की खबर भी आई. हालांकि कमिश्नर बस्सी ने इस बात से इंकार करते हुए कहा कि मुलाकात अच्छे माहौल में हुई. इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने इस हत्याकांड को लेकर दिल्ली पुलिस की खिंचाई करते हुए कहा था कि, 'दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है.' केजरीवाल से मुलाकात करने से पहले बीएस बस्सी दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से भी मिले थे.
मानसून सत्र का पहला दिन ललित मोदी को समर्पित | मंगलवार, 21 जुलाई 2015
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन वही हुआ जिसकी संभावना सबसे ज्यादा थी. ललित मोदी मदद विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने इस कदर हंगामा किया कि राज्यसभा की कार्रवाई बिना किसी कामकाज के दिनभर के लिए स्थगित हो गई. यहां तक कि इस मुद्दे पर सरकार के चर्चा करने के लिए सहमत हो जाने और खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा बयान दिए जाने की पेशकश भी कोई असर नहीं कर सकी. विपक्षी दलों (मुख्य रूप से कांग्रेस) ने कहा कि, जब तक विदेशमंत्री सुषमा स्वराज अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देती, सदन की कार्रवाई नहीं चलने दी जाएगी. विपक्षी संसदों ने ललित गेट के अलावा व्यापम घोटाले को लेकर भी संसद के अंदर खूब हंगामा किया. इससे पहले लोकसभा की पहले दिन की कार्रवाई 13 दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी गई थी.
दिल्ली में 'टकराव' का नया मंच तैयार, एलजी ने स्वाति मालीवाल की नियुक्ति रद्द की | बुधवार, 22 जुलाई 2015
दो दिन पहले ही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष का पदभार संभालने वाली स्वाति मालीवाल की नियुक्ति को रद्द करके दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर से अपनी ताकत दिखाई. उन्होंने स्वाति की नियुक्ति को रद्द करते हुए केजरीवाल को एक चिट्ठी भी लिखी जिसमें उन्होंने एक बार फिर से उपराज्यपाल को ही दिल्ली का सर्वेसर्वा बताया. उपराज्यपाल कार्यलय की तरफ से भेजी गई इस चिट्ठी में बिना एलजी की अनुमति के स्वाति मालीवाल को महिला आयोग का अध्यक्ष बनाये जाने पर नाराजगी जताई गई. चिट्ठी में साल 2002 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए यह भी कहा गया कि, 'दिल्ली में सरकार का मतलब एलजी ही होता है, लिहाजा स्वाति की नियुक्ति से जुड़े सारे कागजात उन्हें सौंपे जाए.' नजीब जंग के इस कदम से दिल्ली में  एक बार फिर से 'टकराव' का नया मंच तैयार हो गया है.
राहुल गांधी ने मोदी के 'मौन' पर हमला बोला | गुरूवार, 23 जुलाई 2015
संसद की कार्रवाई के तीसरे दिन भी ठप्प हो जाने के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर से जुबानी हमला बोला. उन्होंने ललित मोदी प्रकरण और व्यापम घोटाले को लेकर उनकी चुप्पी पर तंज कसते हुए उन्हें मौनव्रती बताया. संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, 'लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने पूरे देश को 'न खाऊंगा, और न खाने दूंगा' का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब अपने नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के इतने गंभीर आरोपों पर उन्होंने मौन धारण कर लिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री पर मूलभूत मुद्दों पर बात करने के बयाज गैर जरूरी विषयों पर बात करने का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि, 'वे सिर्फ हवा में बातें करते हैं.' राहुल गांधी ने 'सुषमा स्वराज के इस्तीफे से कम कीमत पर संसद न चलने देने' की कांग्रेस पार्टी की पुरानी शर्त भी दोहराई.
किसान आत्महत्याओं की वजह केवल गरीबी नहीं: सरकार | शुक्रवार, 24 जुलाई 2015
ललित मोदी, व्यापम और भूमि अधिग्रहण कानून समेत कई छोटे बड़े मुद्दों की वजह से लगातार फजीहत झेल रही मोदी सरकार के लिए उनके एक मंत्री राधा मोहन सिंह ने एक और मुसीबत का दरवाजा खोल दिया. केंद्रीय कृषि मंत्री का पदभार संभाल रहे राधा मोहन सिंह ने प्रेम प्रसंग, पारिवारिक कलह और नपुंसकता जैसे कारणों को किसानों की लगातार हो रही आत्महत्याओं की प्रमुख वजह बताया. राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, 'पिछले साल देशभर में हुई 1400 किसानों की आत्महत्या के पीछे, पारिवारिक कलह, बीमारी, नशा, दहेज, प्रेम-प्रसंग और नपुंसकता जैसे कारण प्रमुख रहे हैं.' राझामोहन सिंह ने 'नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो' के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जबाव दिया. हालांकि उन्होंने अपने जवाब में गरीबी को भी किसानों की आत्महत्या की एक वजह बताया है. उनके इस जवाब से नाराज विपक्ष ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर से किसान विरोधी होने का आरोप लगाया.
श्रीसंत समेत मैच फिक्सिंग के 39 आरोपी सबूतों के अभाव में बरी | शनिवार, 25 जुलाई 2015
तीन साल पहले जिस आईपीएल फिक्सिंग कांड ने समूचे क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया था, उससे जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत ने लगभग वैसा ही हैरान करने वाला फैसला सुनाते हुए एस श्रीसंत, अजित चंदीला, और अंकित चव्हाण को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. इन तीनों ही खिलाड़ियों पर सटोरियों के साथ मिल कर मैच फिक्सिंग करने का आरोप था. इन तीनों के अलावा 36 और लोगों को भी अदालत ने फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया. इस मामले में अंडरवर्ड माफिया दाउद इब्राहिम समेत कुल 43 लोग आरोपी थे. अदालत के इस आदेश ने इस मामले की जांच करने वाली दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि, वह (दिल्ली पुलिस) कोर्ट में ऐसा कोई भी मजबूत सबूत पेश नहीं कर पाई, जिसके आधार पर इन आरोपियों के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की बात साबित हो सकती थी. अदालत द्वारा सट्टेबाजी के आरोपों से बरी कर दिए जाने के बाद तीनों खिलाडियों श्रीसंत, चंदीला, और अंकित चव्हाण ने खुशी जताई. तीनों ने उम्मीद जताई है कि वे फिर से क्रिकेट के मैदान में वापसी कर सकेंगे. लेकिन बीसीसीआई ने इन तीनों पर लगाए गए बैन को जारी रखने की बात कही है.