सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक पाकिस्तानी आतंकी को जिंदा धर दबोचा है. उस्मान नाम के इस आतंकी को जम्मू कश्मीर के उधमपुर में उस वक्त पकड़ा गया जब वह नारसू नेशनल हाइवे पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक गाड़ी पर अंधाधुध गोलियां बरसाने के बाद पास के जंगल की तरफ भाग रहा था. इस हमले में उसके साथी आतंकी को सुरक्षाबलों ने मौके पर ही मार गिराया. इस हमले में दो जवान शहीद हुए जबकि 11 अन्य घायल हो गए. मौके से भागे पाक आतंकी उस्मान के पकड़े जानेे का वाकया बड़ा रोचक है. नेशनल हाईवे पर गोलीबारी करने के बाद जब आतंकी उस्मान जंगल की तरफ भागा तो उसे रास्ते में तीन स्थानीय नागरिक मिल गए. उसने इन तीनों को बंदूक का डर दिखा कर सुरक्षित रास्ता दिखाने को कहा. लेकिन कुछ दूर तक साथ चलने के बाद इन लोगों के बीच हाथापाई शुरू हो गई. इसी दौरान जब उस्मान भागने की कोशिश कर रहा था तो सुरक्षाबल भी वहां पहुंच गए और उसे दबोच लिया गया. सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह आतंकी पाकिस्तान के फैसलाबाद का रहने वाला है. खबरों के मुताबिक पूछताछ में उसने कुबूल किया है कि वह 12 दिन पहले भारत-पाक सीमा पार लगी बाड़ को भेदकर भारत में घुसा था. उसने यह भी कहा कि उसे लोगों को मारने में मजा आता है. अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि उसका संबंध किस गुट से है. फिलहाल इस आतंकी से पूछताछ जारी है.

'मोदी राष्ट्र को ईश्वर का तोहफा हैं.'- एम वेंकैय्या नायडू, संसदीय कार्यमंत्री

भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक कार्यक्रम में बोलते हुए

ललित मोदी के ख़िलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया
देश की राजनीति में चल रहे हालिया बवंडर के सबसे बड़े सूत्रधार और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ मुंबई की एक आदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हफ्तेभर पहले ही अदालत में अर्जी देकर मोदी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की अपील की थी. ईडी ने अदालत से कहा था कि ललित मोदी ने उसके द्वारा भेजे गए एक भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है, लिहाजा उन्हें गिरफ्तार किया जाना बेहद जरूरी है. अदालत के आदेश के बाद लंदन में बैठे ललित मोदी के लिए तो मुश्किल खड़ी हो ही गई है, साथ ही सरकार पर भी उन्हें गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ गया है. प्रवर्तन निदेशालय ललित मोदी के खिलाफ बीसीसीआई द्वारा दायर की गई शिकायतों की जांच कर रहा है. बीसीसीआई ने मोदी पर साल 2008 के आईपीएल मैचों के प्रसारण अधिकारों को लेकर गलत तरीके से करोड़ों रुपये की सौदेबाजी करने का आरोप लगाया था.
'डीएनए' वाली टिप्पणी पर नीतीश ने खेला 'चिट्ठी' कार्ड
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिख कर उनसे उस 'डीएनए' संबंधी टिप्पणी को वापस लेने की मांग की है, जो उन्होंने हाल ही में मुजफ्फरपुर में हुई एक रैली में नीतीश पर निशाना साधते हुए की थी. नीतीश ने इसे बिहार की अस्मिता से जोड़ते हुए चिट्ठी में लिखा है कि, 'इस टिप्पणी से न केवल उन्हें बल्कि पूरे बिहार को चोट पहुंची है.' उन्होंने चिट्ठी में यह भी लिखा है कि जिस बिहार ने लोकसभा चुनाव में उन्हें दिल खोल कर वोट दिए उसके डीएनए को लेकर की गई यह टिप्पणी बिहार के अपमान के अलावा उनके खुद के पद की गरिमा के भी खिलाफ है. नीतीश कुमार ने इस चिट्ठी में यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी से पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी भी बिहारियों के डीएनए को लेकर अपमानजनक टिप्पणी कर चुके हैं. नीतीश कुमार की इस चिट्ठी को जानकारों ने बड़ा राजनीतिक पैंतरा बताया है. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश की इस चिट्ठी पर पलटवार करना शुरु कर दिया है. बिहार से आने वाले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नसीहतनुमा लहजे में  कहा है कि 'नीतीश अपने अहंकार को बिहार की पहचान के साथ ना जोड़ें.' एक और बिहारी पृष्ठभूमि के भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने प्रधानमंत्री के बयान का बचाव करते हुए कहा कि 'उन्होंने बिहार के नहीं बल्कि नीतीश के राजनीतिक डीएनए की बात की थी.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रैली के दौरान एक वाकये का जिक्र करते हुए नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा था कि '...मुझे बाद में समझ आया कि डीएनए में ही गड़बड़ी है.'