विश्व कप ट्रॉफी के साथ बच्चे
विश्व कप ट्रॉफी के साथ बच्चे
14 फरवरी से ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट विश्वकप शुरू होने जा रहा है. यह आयोजन हर चार वर्ष में होता है और हर बार पिछली बार की तुलना में कुछ न कुछ नया और अनोखा होता ही है. इस बार के विश्वकप में भी कई चीजें नई होंगी. कुछ खुद से और कुछ आयोजकों की मेहरबानी से.
भारी क्रिकेट में कुछ हल्का-फुल्का नया
सबसे पहले तो यह विश्वकप अबतक का सबसे युवा विश्वकप होने जा रहा है. सभी टीमों में पुराने दिग्गजों ने या तो संन्यास ले लिया है या इस विश्वकप की टीम में उन्हें शामिल ही नहीं किया गया है. इन टीमों में भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई युवा पौध को तरजीह दी गयी है. भारत के बारे में एक खास बात आलंकारिक रूप से कही जा सकती है कि विश्वकप में यह पहली बार है कि भारत की टीम बिना सुनील गावस्कर या सचिन तेंदुलकर के खेलेगी. इस क्रिकेट विश्वकप में यह बात भी विशेष उल्लेखनीय होगी कि सभी चौदह टीमों में केवल तीन टीमें आयरलैंड, जिम्बाब्वे और भारत ही ऐसी हैं जिनके कप्तान वही होंगे जो पिछले विश्वकप में भी थे. बाकी सभी टीमों के कप्तान नए हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पिछली बार अपनी कप्तानी में ही भारत को विश्वकप जिताया था. नई टीमों की बात करें तो अफगानिस्तान की टीम को इस बार से पहली बार विश्वकप में प्रवेश मिला है. आतंरिक कलह और आतंकवाद से जूझते देश की इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए. शायद खेल ही उसके भविष्य में शांति का वाहक बन सके.
इस क्रिकेट विश्वकप में यह बात भी विशेष उल्लेखनीय होगी कि सभी चौदह टीमों में केवल तीन टीमें आयरलैंड, जिम्बाब्वे और भारत ही ऐसी हैं जिनके कप्तान वही होंगे जो पिछले विश्वकप में भी थे.
क्रिकेट के नये नियम और व्यवस्थाएं
ये तो रहीं कुछ हल्की फुल्की बातें. इनके अलावा इस विश्वकप में खेलने के कुछ नये नियम तथा व्यवस्थाएं भी देखने को मिलेंगी. पहली बार दोनों छोर से अलग-अलग नयी बाल प्रयोग की जाएगी और गेंदबाजों को एक के बजाय प्रति ओवर दो बाउंसर फेंकने की अनुमति होगी. हालांकि इससे तेज गेंदबाजों को तो लाभ की पूरी संभावना है पर शायद स्पिनरों के लिए थोड़ी परेशानी आ सकती है. नॉकआउट मैंचों में भी एक रिजर्व दिवस का प्रावधान एक नई पहल है. आवश्यकता होने पर हमेशा की तरह फायनल और सेमी फाइनल मैचों में भी रिजर्व दिवस का प्रावधान किया गया है. क्वार्टर और सेमीफइनल में किसी मैच के टाई होने पर कम ओवर में या कम विकेट पर ज्यादा रन बनानेवाली टीम आगे जायेगी जबकि फाइनल में टाई होने पर दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा.
इस विश्वकप से एक और नए नियम की शुरुआत होने जा रही है. अब घायल बल्लेबाज को रनर लेने की सुविधा नहीं दी जायेगी और उसे रिटायर्ड हर्ट होने पर नवां विकेट गिरने के बाद दुबारा बल्लेबाजी की अनुमति होगी. इस विश्वकप में बॉलर के बॉल फेंकते समय नॉनस्ट्राइकर के क्रीज से पहले ही आगे निकल जाने की स्थिति में रन आउट करने के नियम को ज्यादा तर्कसंगत बनाने की कोशिश की गयी है. अगर कोई बॉलर यह देख लेता है कि नोनस्ट्राइकर बल्लेबाज उसके बॉल फैकने से पहले ही क्रीज़ छोड़कर आगे बढ़ गया है तो वह एक्शन पूरा किये बिना भी उसे रन आउट कर सकता है.
इस विश्वकप में बॉलर के बॉल फेंकते समय नॉनस्ट्राइकर के क्रीज से पहले ही आगे निकल जाने की स्थिति में रन आउट करने के नियम को ज्यादा तर्कसंगत बनाने की कोशिश की गयी है.
खेल के स्तर तथा खेल भावना को बनाये रखने के लिए एक मामूली सुधार और किया गया है. अब अगर कोई बल्लेबाज रन लेते समय अपने रन-अप की दिशा अचानक बिना सही कारण के इस प्रकार से बदलता है कि रन आउट होने से बच सके तो अंपायर उसे स्थितियों आदि का आकलन करने के बाद 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के तहत आउट दे सकता है. पॉवरप्ले में भी फील्डिंग पॉवरप्ले समाप्त करके सोलहवें से चालीसवें ओवर के बीच पांच-पांच ओवर के दो बैटिंग पावर प्ले का प्रावधान रखा गया है. लेकिन मौसम की खराबी या अन्य किसी कारण से मैच चालीस से कम ओवर तक सीमित हो गया हो तो ये पॉवरप्ले नहीं होंगे. केवल पहले दस ओवरों का अनिवार्य पॉवरप्ले ही होगा.
अंत में
पिछ्ले विश्वकप से इस बार उपहार राशि में भी वृद्धि हुई है और अपने-अपने ग्रुप में बिना कोई मैच हारे आगे पहुंची टीम को अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्साहित करेगा. पिछले कुछ समय से यूरोप और दुनिया के दूसरे हिस्सों में अचानक आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोत्तरी के चलते इस विश्वकप के बिना किसी व्यवधान के पूरा होने की ईश्वर से कामना करनी चाहिए. आमीन.