आरक्षण की मांग को लेकर अहमदाबाद में महारैली करके गुजरात के पटेल समुदाय ने राज्य सरकार के साथ- साथ केंद्र सरकार को भी अपनी ताकत दिखा दी है. इस रैली में शामिल होने के लिए गुजरात के कोने-कोने से लाखों की संख्या में लोग पहुंचे. रैली को संबोधित करते हुए इस आंदोलन के अगुआ हार्दिक पटेल ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि पटेल समुदाय को आरक्षण नहीं दिया गया तो 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा. 'पाटीदार अनामत आंदोलन समिति' के संयोजक 22 साल के हार्दिक पटेल ने अपने भाषण में पटेलों के पिछड़ेपन का हवाला देते हुए कहा, 'हमें हर हाल में आरक्षण की जरूरत है और इस मुद्दे पर हम सरकार तो क्या सुप्रीम कोर्ट की भी नहीं सुनेंगे.'
हार्दिक पटेल ने कहा कि देश भर में फैले पटेल समुदाय के लोगों को इस आंदोलन से जोड़कर वे इसे देशव्यापी बनाएंगे. रैली के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा और वापस रैली स्थल पर आकर धरने पर बैठ गए. उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांग नहीं मानेगी, वे रैली स्थल को नहीं छोड़ेंगे. इस रैली की विशालता को देखते हुए राज्य सरकार ने सुरक्षा के भरपूर इंतजाम किये हुए थे. गुजरात पुलिस के 20000 जवानों को इस रैली के लिए खास तौर पर अहमदाबाद में ड्यूटी पर लगाया गया था. इस रैली के बाद अब सबकी नजरें एक बार फिर से राज्य सरकार पर टिंक गई हैं. इससे पहले गुजरात सरकार पटेलों को आरक्षण देने की बात से इंकार कर चुकी है.


'लोगों को न्यूटन का तीसरा नियम नहीं भूलना चाहिए कि हर क्रिया की बराबर लेकिन, विपरीत प्रतिक्रिया होती है.'

शत्रुघ्न सिन्हा, बीजेपी नेता और सांसद
भाजपा द्वारा बिहार चुनाव के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए किया गया ट्वीट



अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से काम करने की आजादी मांगी
लगभग दो महीने के इंतजार के बाद आखिरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हो गई. प्रधानमंत्री आवास में मोदी से मिलने पहुंचे केजरीवाल ने उनसे केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच कई मुद्दों पर चल रहे टकराव को लेकर वार्ता की और इस टकराव को खत्म करने की अपील की. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ सात रेसकोर्स रोड पहुंचे केजरीवाल ने मुलाकात के बाद कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बातों को ध्यान से सुनने के बाद सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. केजरीवाल ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने उपराज्यपाल की मनमानी, एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) की कार्यप्रणाली और अपने विधायकों की गिरफ्तारी समेत कई मुद्दों को रखा. केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से स्वच्छ भारत अभियान में पूरा सहयोग करने की बात कहते हुए यह भी कहा कि, 'यदि केंद्र सरकार उन्हें ठीक से काम करने दे, तो वे दो साल में समूची दिल्‍ली को चमका देंगे.' केजरीवाल और मोदी की इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी हुई थीं. इसी साल जून की शुरुआत में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा था, लेकिन तब उनके कार्यालय ने अति व्यस्तता का हवाला देते हुए उन्हें समय देने में असमर्थता जता दी थी.
जीएसटी बिल पर 'विशेष सत्र' के लिए कांग्रेस ने सरकार के सामने शर्त रखी
वस्तु एवं सेवाकर विधेयक (जीएसटी बिल ) को पास कराने के लिए संसद का विशेष सत्र आयोजित करवाने की कोशिश में लगी केंद्र सरकार को कांग्रेस पार्टी ने यह कह कर उलझन में डाल दिया है कि पहले सरकार इस बिल का संशोधित मसौदा उसे दिखाए, फिर इस सत्र को लेकर पार्टी अपना फैसला लेगी. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू के साथ हुई मुलाकात के बाद कहा, 'यदि सरकार वाकई इस बिल को लेकर गंभीर है और विशेष सत्र बुलाना चाहती है तो उसे बिल में किए गए सभी संशोधनों की जानकारी विपक्षी दलों से साझा करनी चाहिए, ताकि विपक्षी दल विशेष सत्र के बारे में निर्णय ले सकें.' खड़गे का यह भी कहना था, 'जब तक हमारे संशोधन प्रस्तावों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी नहीं मिल जाती तब तक हम सत्र को लेकर कोई फैसला नहीं लेंगे.' संसद के विशेष सत्र को लेकर नायडू आज ही खड़गे से मिले थे. लगभग 20 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद नायडू ने कहा था कि सरकार जल्द ही दूसरी पार्टियों के नेताओं से भी मुलाकात करके जीएसटी बिल को लेकर आम राय बनाने की कोशिश करेगी.