क्रीमिया के रूस में विलय के घोर विरोधी यूक्रेनी फिल्मकार ओलेग सेंस्तोव को रूस की एक सैन्य अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है. ओलेग सेंस्तोव को पिछले साल 11 मई को क्रीमिया से गिरफ्तार किया गया था. रूसी सैन्यबलों ने उन पर रूस के खिलाफ साजिश करने, आतंकी हमलों को अंजाम देने और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मूर्ति को उड़ाने का षडयंत्र करने का आरोप लगाया था. ओलेग सेंस्तोव के वकीलों ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है. यूक्रेन की सरकार ने भी रूसी सैन्य अदालत के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए रूस से सेंस्तोव को रिहा करने की मांग की है. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि, 'रूस ने ओलेग सेंस्तोव और कुछ और यूक्रेनी नागरिकों को गलत तरीके से गिरफ्तार किया और फिर एकतरफा मुकदमा चलाते हुए उन्हें इतनी बड़ी सजा दे दी.' रूसी अदालत के इस फैसले की अमेरिका सहित कई यूरोपीय देशों ने भी आलोचना की है. अमेरिका ने रूस से कहा है कि वह गलत तरीके से हिरासत में रखे सभी यूक्रेनी नागरिकों को तुरंत रिहा कर दे.


'चीन की अर्थव्यवस्था में आई गड़बड़ी के चलते अमेरिका के बाजार को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है. हमारे लोग बाजार में आज आयी गिरावट से उबरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में राष्ट्रपति ओबामा को शी जिनपिंग की खातिरदारी करने के बजाय अपना ध्यान इस तरफ लगाना चाहिए.'

स्कॉट वॉकर, अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी बनने के एक दावेदार
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से चीनी राष्ट्रपति का आगामी अमेरिकी दौरा रद्द करने की मांग करते हुए



सिंगापुर के राष्ट्रपति ने तय समय से पहले संसद भंग की, 11 सितंबर को होंगे आम चुनाव
सिंगापुर में आम चुनाव का ऐलान कर दिया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक अगले महीने की 11 तारीख को वहां नई सरकार के चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. इससे पहले राष्ट्रपति टोनी तान केंग याम ने वहां की संसद को तय समय से सालभर पहले भंग कर दिया. बताया जा रहा है कि मौजूदा सरकार के इशारे पर उन्होंने यह कदम उठाया है. जानकारों का कहना है कि सत्ताधारी दल पीपुल्स एक्शन पार्टी देश के मौजूदा राजनीतिक हालात को अपने लिये अनुकूल मान रही है. सिंगापुर में कुल 89 संसदीय सीटें हैं. प्रधानमंत्री ली ह्सिन लोंग के लिए ये चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं. विपक्षी दल लगातार बढ़ रही महंगाई को मुद्दा बना कर उनके खिलाफ लंबे समय से माहौल बनाने में जुटे हुए हैं.
उत्तर कोरिया- दक्षिण कोरिया टकराव टालने पर राजी हुए
चालीस घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद आखिरकार उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया 'सिर पर खड़े युद्ध ' को फौरी तौर पर टालने के लिए राजी हो गए हैं. दोनों ही देशों ने इसके लिए रखी 'शर्तों' को स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया. खबरों के मुताबिक उत्तर कोरिया ने वार्ता के दौरान कुछ दिन पहले सीमावर्ती इलाके में हुई बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना के लिए अफसोस जताया और इसके बाद दक्षिण कोरिया भी उसके खिलाफ जारी प्रसारण कार्यक्रमों को बंद करने के लिए राजी हो गया. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने टकराव खत्म होने की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने सीमावर्ती इलाके में लगे सभी लाउडस्पीकर बंद कर दिए हैं. इसके बावजूद कुछ मीडिया रिपोर्टें बता रही हैं कि दोनों ही देश अभी भी खुफिया तरीके से एक दूसरे की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. अमेरिका समेत कई और देशों ने उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच टकराव खत्म होने पर खुशी जताई है.