चीन ने जब से अपनी मुद्रा का अवमूल्यन किया है विदेशों में रह रहे भारतीयों द्वारा भारत भेजे जाने वाले पैसे में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है.
चीन के शेयर बाजारों में आई गिरावट ने भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों में मातम का माहौल बना दिया है. 11 अगस्त को चीन द्वारा अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करने के बाद से अभी तक सेंसेक्स सात फीसदी से भी ज्यादा का गोता लगा चुका है. इसके साथ-साथ रुपये में भी काफी गिरावट देखने को मिली है. जाहिर है निवेशक इससे मायूस हैं.
लेकिन बहुत से लोग हैं जिनके लिए यह मौका खुशी लेकर आया है. विदेशों में रह रहे भारतीय रुपए में आई इस गिरावट का खूब फायदा उठा रहे हैं. वे ज्यादा से ज्यादा पैसा देश भेज रहे हैं. बीते 11 अगस्त से रुपए में डॉलर के मुकाबले चार फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. इसका मतलब है डॉलर के बदले रुपये में मिलने वाले भुगतान में बढ़ोतरी. यानी एक तरह से बढ़िया रिटर्न.
विदेशों में काम करने वाले कई भारतीय ऐसे ही मौकों का इंतजार करते हैं. गौरतलब है कि 2014 में वापस अपने देश पैसा भेजने के मामले में भारतीय दुनिया में सबसे आगे थे. बीते साल उन्होंने 70 अरब डॉलर से भी ज्यादा की रकम स्वदेश भेजी. इस रकम का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है.
बीते 11 अगस्त से रुपए में डॉलर के मुकाबले चार फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. इसका मतलब है डॉलर के बदले रुपये में मिलने वाले भुगतान में बढ़ोतरी.
खबरों के मुताबिक बीते दो हफ्तों के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित मनी ट्रांसफर कंपनियों के कारोबार में तेजी आई है. उदाहरण के लिए यूएई एक्सचेंज नाम की ऐसी ही एक कंपनी द्वारा भारत भेजी जाने वाली रकम में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यूएई में करीब 26 लाख भारतीय रहते हैं जो हर साल करीब 12 अरब डॉलर के बराबर रकम भारत भेजते हैं. बीते साल यूएई से इस कंपनी के जरिये 7.1 अरब डॉलर भारत भेजे गए थे. ओमान में भी स्थिति ऐसी ही है जहां करीब सात लाख भारतीय रहते हैं. यह स्थिति सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है. खबरों के मुताबिक 150 देशों में कारोबार करने वाली एक्सप्रेस मनी नाम की एक कंपनी द्वारा भारत भेजे जाने वाले पैसे में बीते दो हफ्तों के दौरान 25-30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है.
ज्यादातर लोगों के लिए इसका मकसद रुपए में गिरावट का फायदा उठाना ही होता है. जैसा कि दुबई में काम करने वालीं तारिका प्रभु एक वेबसाइट से बातचीत में कहती हैं, 'भारत पैसे भेजना मेरे लिए कोई मजबूरी नहीं है क्योंकि वहां मेरी कोई जिम्मेदारियां नहीं हैं. लेकिन एक्सचेंज रेट बढ़िया है और मेरे पास पैसा पड़ा हुआ है इसलिए मैं इसे वहां ट्रांसफर कर रही हूं. जब मैं भारत जाऊंगी तो पैसे की जरूरत पड़ेगी ही, तो क्यों न अभी ट्रांसफर किया जाए जब रेट बढ़िया है.'