ऑस्ट्रिया में एक ट्रक से अप्रवासी नागरिकों के शव बरामद होने की सनसनीखेज घटना के एक दिन बाद हंगरी के जांच दल ने चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. इन चारों में से तीन बुल्गारिया और एक अफगानी मूल का हंगरी का नागरिक बताया जा रहा है. हंगरी के जांच अधिकारियों ने इन चारों पर मानवतस्करी में लिप्त रहने का संदेह जताया है. इन चारों की गिरफ्तारी के बाद वहां के फॉरेंसिक विशेषज्ञ इनसे पूछताछ में जुट गए हैं. इस बीच ट्रक से बरामद हुए शवों की सही संख्या का पता भी लग गया है. ऑस्ट्रिया के अधिकारियों के मुताबिक ट्रक से कुल 71 शव बरामद हुए हैं. इनमें 59 पुरुष, आठ महिलाएं और चार बच्चे हैं. पूरे यूरोपीय जगत को हिलाकर रख देने वाली इस घटना का पता कल उस वक्त चला था, जब हंगरी की सीमा से लगे ऑस्ट्रिया के एक प्रांत बर्जनलैंट में सड़क किनारे खड़ी एक फ्रीजर लॉरी (ट्रक) की तलाशी ली गई.


'पहली बार हम इस मील के पत्थर तक पहुंचे हैं, लेकिन अभी रास्ता लंबा है...यह पूरी दुनिया को जोड़ने की शुरुआतभर है'

फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग
फेसबुक की यूजरसंख्या एक अरब होने पर खुशी जाहिर करते हुए



 
पाक सेना ने भारत को 'इकलौता खतरा बताया
भारत द्वारा पिछले कुछ सालों के दौरान की गई सैन्य साजो सामान की खरीददारी का हवाला देते हुए पाकिस्तानी सेना ने उसे (भारत) अपने लिए इकलौता बाहरी खतरा बताया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान की सेना के 'ज्वांइट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी' के प्रमुख जनरल रशद महमूद ने वहां की संसद की रक्षा समिति को इस संबंध में एक रिपोर्ट सौंपी है. इसमें उन्होंने भारत द्वारा की गई रक्षा खरीद का पूरा ब्यौरा पेश किया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने बीते कुछ सालों के अंदर लगभग 100 अरब डालर के हथियार खरीदे हैं, जिनमें से 80 फीसदी हथियार सिर्फ पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए खरीदे गए हैं. जनरल रशद महमूद ने इसके साथ ही भारत और पाक के तनावपूर्ण संबंधों को लेकर भी चिंता जाहिर की है. उन्होंने रक्षा समिति से कहा कि दोनों देशों के बीच संवादशून्यता की स्थिति के चलते हालात नाजुक बने हुए हैं. पाकिस्तानी सेना की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों की प्रस्तावित बातचीत रद्द हुई है.
टकराव टलने के बाद किम जोंग ने शीर्ष अधिकारियों के पर कतरे
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने सेना के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल करते हुए कई शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया है. सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह फैसला किया. कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों के प्रभार में भी अदला-बदली की है. प्रसासनिक ढांचे में फेरबदल की वजह अभी सामने नहीं आ सकी है, लेकिन माना जा रहा है कि दक्षिणी कोरिया के साथ हुए हालिया टकराव से सबक लेते हुए किम जोंग ने यह फैसला लिया है. कोरियाई अखबारों का कहना है कि किम जोंग इन अधिकारियों से इस वजह से नाराज थे कि वे दक्षिण कोरिया के आक्रामक इरादों का अंदाजा नहीं लगा सके, जिसके चलते उत्तर कोरिया को लड़ाई की चेतावनी देने के बावजूद इससे पीछे हटना पड़ा. दोनों कोरियाई देशों के बीच दो दिन पहले ही युद्ध जैसी परिस्थितियां खत्म हुई हैं.