किस्सा किसों का
हमारी फिल्म इंडस्ट्री में ‘किस के किस्से’ राजनीति के ‘कुर्सी के किस्सों’ बराबर ही मनोरंजक है. पिछले हफ्ते खबर थी कि पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान ने सोनम कपूर की फिल्म ‘बैटल आफ बिटोरा’ करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि फिल्म में अनगिनत किसिंग सीन थे जिन्हें लेकर वे कंफर्टेबल नहीं थे. ऐसा कर वे हिंदुस्तानी इमरान हाशमी के पाकिस्तानी विलोम की पदवी तो पा गए, लेकिन सोनम कपूर को नाराज कर बैठे. इस हफ्ते ये हुआ कि अपनी आने वाली फिल्म ‘कट्टी-बट्टी’ के एक गाने ‘लिप टू लिप किस्सियां’ के लिए कंगना रनोट और इमरान खान प्रमोशन्स करने के अलावा एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं, जिसके विवादास्पद बने रहने की संभावना फिल्म के हिट होने से ज्यादा है. विदेशों में तो किसिंग फेस्टिवल होते ही रहते हैं और इंटरनेट पर भी दुनिया भर के कपल्स के किसिंग मोंटाज वीडियो मशहूर होते रहते हैं, लेकिन कट्टी-बट्टी के ये दो मुख्य कलाकार अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए एक ‘किसिंग कांटेस्ट’ को जज करने वाले हैं. हिंदुस्तान में ऐसा कांटेस्ट पहली बार होगा जिसमें पचास युगल्स भाग लेंगे और जो भी सबसे बेहतर किसिंग करेगा, उसे कंगना और इमरान इनाम देंगे. ‘नॉक-नॉक, क्या पहलाज निहलानी जी घर पर हैं’. ‘जी वे अभी सो रहे हैं’. ‘अरे उठाइए उठाइए, उन्हें एक किसिंग कांटेस्ट सेंसर करने जाना है!’


'इन दिनों फिल्मों के लिए मुझे 11 करोड़ रुपए मिलना इक्वेलिटी की तरफ हीरोइनों का एक कदम और आगे बढ़ाना है.'

कंगना रनोट




अर्जुन कपूर आराम को तरसे
आर बाल्की की ‘की एंड का’ शूट करते हुए अर्जुन कपूर को ‘गुंडे’ बहुत याद आती होगी. आराम से रणवीर सिंह के साथ मस्ती-मजाक करते हुए उन्होंने गुंडे ऐसे शूट की थी जैसे कोई वेकेशन पर पहाड़ियों के वीडियो शूट करता होगा. उस फ्लाप फिल्म के उलट बाल्की की ‘की एंड का’ जिसमें करीना कपूर उनके साथ हैं और अमिताभ बच्चन व जया बच्चन के गेस्ट एपीयरेंस है, अर्जुन कपूर को थका-थकाकर आराम के लिए तरसा रही है. सुना है कुछ दिन पहले ही अर्जुन कपूर ने फिल्म के लिए 22 घंटे शूटिंग की. नॉनस्टाप. इसलिए क्योंकि फिल्म का बजट बढ़ता जा रहा था और शूटिंग शेड्यूल रफ्तार नहीं पकड़ रहा था. घर और किचन के सेट का किराया बढ़ता जा रहा था और बाल्की चाहते थे कि अर्जुन कम वक्त में काम ज्यादा करें. बोले तो, ट्विटर कम करें! इसलिए अर्जुन ने 22 घंटे लगातार काम किया और तकरीबन 23 कास्ट्यूम भी बदले, और थकान से चूर-चूर होने के बाद भी शिकायत नहीं की. ऐसी ही थकान कुछ दिनों पहले इसी फिल्म को शूट करते वक्त करीना कपूर को भी हुई थी जब 14 घंटे लगातार इमोशनल सीन्स करने के बाद उनकी आवाज चली गई थी. डॉक्टर को बुलाना पड़ा था और इंजेक्शन-दवाइयों को लेने के बाद ही करीना आवाज सहित सेट पर वापस लौट पाईं थीं. ये ‘की एंड का’ है या ‘कठिनाई एंड क्रूरता’ मिस्टर बाल्की?


फ्लैशबैक : मनोज कुमार और नकली बर्फ की आफत
मनोज कुमार और माला सिन्हा
मनोज कुमार और माला सिन्हा
मनोज कुमार की पहली सिल्वर जुबली हिट फिल्म होने का श्रेय ‘हरियाली और रास्ता’ को जाता है जिसके लिए उन्हें 11,000 रुपए मिले थे. 1962 में आई दार्जलिंग के प्राकृतिक दृश्यों से सजी इस फिल्म में उनकी हीरोइन उस जमाने की मशहूर और स्थापित अभिनेत्री माला सिन्हा थीं. जबकि आठ फिल्म पुराने मनोज कुमार अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. फिल्म का एक दिलचस्प वाकया उस दृश्य से जुड़ा है जिसे गिरती हुई बर्फ के बीचों-बीच फिल्माया जाना था. असली बर्फ गिर नहीं रही थी इसलिए नकली बर्फ को गिराया गया, जिसके बीच खड़े होकर माला सिन्हा व मनोज कुमार को रोमांटिक अंदाज में अपनी-अपनी लाइनें बोलनी थीं. माला सिन्हा तो अपना काम बखूबी कर गईं लेकिन जब मनोज कुमार की बारी आई तो उनका मुंह नकली बर्फ से भर चुका था. चूंकि माला सिन्हा सीनियर एक्टर थीं, उन्हें नकली बर्फ में शूटिंग करने का अनुभव था, लेकिन मनोज कुमार को कोई आइडिया नहीं था कि नकली बर्फ गिरते वक्त मुंह को बंद रखना जरूरी है.
उनके इस तरह गलती करने से माला सिन्हा बड़ी नाराज हुईं थीं, और कहते हैं मनोज कुमार से ये तक कह गईं, ‘तुम्हें फिल्म इंडस्ट्री जाइन करने का न्यौता आखिर दिया किसने?’
उस जमाने में नकली बर्फ दिक्कत की वजह इसलिए थी क्योंकि उसे सफेद साबुन से बनाया जाता था. लाइने बोलने से पहले मनोज कुमार अपना मुंह पूरा बंद नहीं रख पाते थे, और उनके मुंह में साबुन भर जाता था जो संवाद बोलते वक्त मुंह से झाग के रूप में बाहर निकलता था. उनके इस तरह गलती करने से माला सिन्हा बड़ी नाराज हुईं थीं, और कहते हैं मनोज कुमार से ये तक कह गईं, ‘तुम्हें फिल्म इंडस्ट्री जाइन करने का न्यौता आखिर दिया किसने?’ ये भी कहते हैं कि बावजूद माला सिन्हा के गुस्से के, मनोज कुमार घबराए नहीं और कह गए कि वे (माला सिन्हा) फिल्मों में पैसों के लिए आईं होंगी, लेकिन वो (मनोज कुमार) इसलिए आए क्योंकि ऐक्टिंग से प्यार करते हैं. हालांकि ये नोंक-झोंक तल्खियों में तब्दील नहीं हुई और मनोज कुमार व माला सिन्हा ने आगे भी दो फिल्मों में साथ काम किया.‘अपने हुए पराए’ और ‘हिमालय की गोद में’. इन्हीं फिल्मों के साथ मनोज कुमार का हिट फिल्में देने का सिलसिला भी शुरू हुआ.