सीरिया, लीबिया और इराक जैसे देशों से यूरोप की तरफ आ रहे हजारों शरणार्थियों को शरण देने के लिए ऑस्ट्रिया और जर्मनी तैयार हो गए हैं. शनिवार को करीब चार हजार शरणार्थी हंगरी की सीमा से ऑस्ट्रिया में दाखिल हुए. यह संख्या 10 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है. इनमें ज्यादातर सीरियाई नागरिक बताए जाते हैं हैं. ऑस्ट्रिया के चांसलर वर्नेन फेमन ने कहा है कि हंगरी की सीमा पर बनी आपात स्थिति को देखते हुए उन्होंने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से चर्चा की थी जिसके बाद दोनों देश शरणार्थियों को अपने यहां आने की इजाजत देने पर सहमत हो गए. समुद्र में डूबने से मरे तीन साल के मासूम अयलान कुर्दी की तस्वीरें वायरल होने के बाद यूरोपीय देशों पर इन लोगों को शरण देने का दबाव बढ़ गया है. यूरोपीय देश बीते 25 साल के सबसे बड़े शरणार्थी संकट से जूझ रहे हैं. इससे पहले 1990 में युगोस्लाविया में छिड़े गृहयुद्ध के बाद ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई थी. खबरों के मुताबिक इस साल अब तक करीब साढ़े तीन लाख शरणार्थी यूरोपीय संघ में दाखिल हो चुके हैं.


'अब हमारे सामने फिलहाल जो समस्याएं हैं उनमें से एक कम हो गई है.'

आदिल अल जुबैर, सऊदी अरब के विदेश मंत्री
 ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिका के सऊदी अरब को आश्वस्त करने के बाद



पाक ने सुरक्षा परिषद से भारत की शिकायत की
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दरवाजा खटखटाते हुए उससे आग्रह किया है कि वह नियंत्रण रेखा पर उकसावे की कार्रवाई का संज्ञान ले और भारत से संयम बरतने को कहे. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने परिषद के अध्यक्ष और रूसी राजदूत विताली चुरकिन को एक चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय कार्रवाई का हवाला दिया है और सुरक्षा परिषद से आग्रह किया है कि वह भारत से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने के लिए कहे. मलीहा का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में ऐसी हिंसा में इजाफा हुआ है जिससे कई लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं. उधर, भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया है. उसका कहना है कि उल्टे पाकिस्तान ने इस साल अब तक 245 से ज्यादा बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. भारत के मुताबिक सिर्फ अगस्त में ही पाकिस्तान 55 बार ऐसा कर चुका है.
अमेरिकी दूत की अहम भारत-चीन यात्रा
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर बातचीत के लिए अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी अगले कुछ दिनों में भारत और चीन का दौरा करेंगे. व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के वरिष्ठ सलाहकार ब्रायन डीसे 7 सितंबर को नई दिल्ली और 9-10 सितंबर को बीजिंग जाएंगे. वे भारत में विदेश सचिव एस जयशंकर समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. गौरतलब है कि इस साल के आखिर में पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की अहम बैठक होनी है. बातचीत में ब्रायन का जोर इस बात पर रहेगा कि भारत और चीन अपने यहां जलवायु परिवर्तन को लेकर सख्त कदम उठाएं. इसके अलावा बातचीत में पेरिस जलवायु सम्मेलन में बड़े नतीजे के लिए मजबूत द्विपक्षीय साझेदारी पर भी चर्चा होगी.