विधि आयोग ने फांसी की सजा खत्म करने की सिफारिश की | सोमवार, 31 अगस्त 2015
फांसी को पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश करते हुए विधि आयोग ने कहा है कि सिर्फ आतंकवाद और राष्ट्रद्रोह जैसे मामलों में ही यह सजा दी जानी जाहिए. अपनी एक अहम रिपोर्ट में फांसी को अमानवीय बताते हुए विधि आयोग ने इसे चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की सिफारिश की है. जस्टिस एपी सिन्हा की अध्यक्षता वाले नौ सदस्यीय विधि आयोग के छह सदस्य इस बात से सहमत थे, लेकिन तीन सदस्यों का मानना था कि फांसी की सजा बरकरार रहनी चाहिए. फांसी पर चल रही बहस के बीच विधि आयोग की सिफारिशों को दंड सुधार की दिशा में की गई बेहद महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. आयोग की सिफारिशों के बाद अब सबकी नजरें केंद्र सरकार पर टिक गई हैं. फांसी की सजा को लेकर चल रही बहस के बीच इस आयोग को तीन साल पहले गठित किया गया था. दुनिया के अधिकतर देशों ने फांसी की सजा को खत्म करने का समर्थन किया है. मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2012 तक 140 देशों में फांसी की सजा पूरी तरह खत्म की जा चुकी है.
22 साल का सूखा खत्म, भारत ने श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीती | मंगलवार, एक सितंबर 2015
आखिरकार 22 साल बाद भारत ने श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीतने का कारनामा कर दिखाया. तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के आखिरी टेस्ट में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 117 रनों से हरा दिया. इसके साथ ही तीन मैचों की सीरीज भारत ने 2-1 से जीत ली. पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका ने भारत को 63 रनों से मात दी थी. दूसरे मैच में भारतीय टीम ने 278 रनों से जीत दर्ज की. तीसरे टेस्ट की चौथी पारी में 386 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम 268 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. पहली पारी में 145 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को मुश्किल से निकालने वाले चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया. कप्तान विराट कोहली के लिए भी यह दौरा खास रहा. उन्होंने पहली बार पूर्णकालिक कप्तान के रूप में सीरीज जीती. इससे पहले मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में 1993 में भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में श्रीलंका को 1-0 से हराया था.
15 करोड़ की हड़ताल, 25 हजार करोड़ स्वाहा | बुधवार, दो सितंबर 2015
श्रम कानून में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में 10 ट्रेड यूनियनों से जुड़े करीब 15 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर रहे. बैकों से लेकर ऑटो और टैक्सी यूनियनों की इस हड़ताल के चलते देश भर में सामान्य जनजीवन पर काफी असर पड़ा. बीते दो साल के दौरान यह सबसे बड़ी हड़ताल थी. औद्योगिक संस्था एसोचैम के मुताबिक इस हड़ताल के चलते बंदरगाहों से लेकर बैंकों तक काम ठप हो जाने से करीब 25 हजार करोड़ रु का नुकसान हुआ. ट्रेड यूनियनों की मांग है कि सरकार श्रम कानून में प्रस्तावित बदलावों को वापस ले और सावर्जनिक उपक्रमों में विनिवेश और उनके निजीकरण की प्रक्रिया रोक दे. इससे पहले हड़ताल टालने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में वरिष्ठ मंत्रियों के एक समूह ने ट्रेड यूनियनों के बड़े नेताओं से बात करके उन्हें मनाने की कोशिश की थी और आश्वासन दिया था कि वे न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा जैसी उनकी मांगों पर विचार करेंगे.
स्वच्छ भारत अभियान को झटका, मुखिया ने पद छोड़ा | गुरुवार, तीन सितंबर 2015
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान को तगड़ा झटका लगा. इसकी मुखिया और वरिष्ठ आइएएस अधिकारी विजयलक्ष्मी जोशी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली. अभी उनके कार्यकाल के तीन साल बाकी थे. गुजरात कैडर की अधिकारी विजयलक्ष्मी फिलहाल एक महीने के नोटिस पीरियड पर काम कर रही हैं. कहा जा रहा है कि एक साल पहले शुरू हुए स्वच्छ भारत अभियान के परिणाम उतने अच्छे नहीं दिख रहे जितनी उम्मीद की जा रही थी. इसके चलते उन पर दबाव बना हुआ था. चर्चा यह भी है कि विजयलक्ष्मी भी उनसे उचित सलाह-मशविरे के बिना तय किए जा रहे लक्ष्यों और इस मिशन को लेकर स्पष्टता न होने से असंतुष्ट थीं. स्वच्छ भारत अभियान की जिम्मेदारी संभालने से पहले वे पंचायती राज मंत्रालय में सचिव थीं. उनके पति भी गुजरात कैडर के अधिकारी हैं, जो पहले ही वीआरएस लेकर अमेरिका जा चुके हैं.
नौसेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन मिलेगा| शुक्रवार, चार सितंबर 2015
एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने नौसेना में महिलाओं के स्थाई कमीशन की इजाजत दे दी.  अदालत ने यह भी कहा कि महिलाओं की प्रगति को रोकने की किसी भी कोशिश पर उसकी भवें तन जाएंगी. गौरतलब है कि थल और वायु सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन मिलता है, लेकिन नौसेना में उन्हें सिर्फ शॉर्ट सर्विस कमीशन ही दिया जाता है जिसमें सेवा की अधिकतम अवधि 14 साल होती है. इसके चलते महिला अफसर पेंशन की हकदार नहीं होतीं क्योंकि इसके लिए 20 साल की न्यूनतम सेवा जरूरी है. नौसेना की करीब 19 महिला अधिकारी सेना के अन्य अंगों में अपनी समकक्ष अधिकारियों के समान अधिकार देने की मांग को लेकर अदालत की शरण में गई थीं.
और एक साल देश घूमना चाहते हैं राहुल | शनिवार, पांच सितंबर 2015
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक और साल देश भर में घूमना चाहते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने कहा है कि देश के लोगों का मिजाज समझने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष खुद को और वक्त देना चाहते हैं. इससे पहले खबरें आई थीं कि कांग्रेस कार्य समिति की आठ सितंबर को होने वाली बैठक में राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने का ऐलान हो सकता है. लेकिन अब कहा जा रहा है कि बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. पिछले 18 साल से कांग्रेस का नेतृत्व कर रही सोनिया का मौजूदा कार्यकाल इस दिसंबर में समाप्त हो रहा है. हालांकि राहुल गांधी के बारे में पटेल के इस बयान को बिहार और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि यह इन चुनावों में पार्टी के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने की सूरत में यह राहुल को बचाने की नीति हो सकती है. राहुल गांधी को 2013 में पार्टी उपाध्यक्ष बनाया गया था.