सऊदी अरब के नेतृत्व वाले एक सैन्य गठबंधन द्वारा यमन में किए गए एक हमले में 20 भारतीयों की मौत की खबर है. यह हमला अल खोखा नामक एक बंदरगाह पर ईंधन तस्करों को निशाना बनाकर किया गया था. हूती विद्रोहियों द्वारा चलाई जा रही समाचार एजेंसी ने भी कहा है कि एक हवाई हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है. भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह इन भारतीयों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा है. गौरतलब है कि यमन में कई महीनों से हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन फौज के बीच लड़ाई चल रही है. कुछ दिन पहले हूती विद्रोहियों के एक हमले में गठबंधन के करीब 60 सैनिकों की मौत हो गई थी. तब से गठबंधन फौजों ने अपने हवाई हमले और तेज कर दिए हैं. इसी साल मार्च में इरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के राष्ट्रपति ए मंसूर हादी को देश से खदेड़ दिया था. तब से वे सऊदी अरब में हैं


'दलाई लामा निर्वासन में रहने वाले एक फरेबी और क्रूर शासक हैं.'

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की संपादकीय टिप्पणी



पाकिस्तान का बयान, कश्मीर मुद्दे के बिना भारत से बातचीत नहीं
पाकिस्तान का कहना है कि वह भारत से कोई बातचीत तभी करेगा जब उसके एजेंडे में कश्मीर मुद्दा शामिल होगा. पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने यह बात कही है. भारत की नीति को पाकिस्तान विरोधी बताते हुए अजीज ने यह भी दावा किया कि दोनों देशों के बीच कश्मीर सहित सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत आयोजित करने के उनके देश के रुख को पूरी दुनिया ने समर्थन दिया है. उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में होने के भारत के आरोपों को खारिज कर दिया. अजीज ने यह ऐलान भी किया कि पाकिस्तान अपने यहां भारतीय दखलंदाजी से संबंधित एक दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र में पेश करेगा. गौरतलब है कि अगस्त के दूसरे पखवाड़े में भारत और पाकिस्तान के एनएसए के बीच प्रस्तावित बातचीत ऐन मौके पर रद्द हो गई थी. भारत का कहना था कि वह पहले से बनी सहमति के मुताबिक केवल आतंकवाद पर बातचीत करेगा, लेकिन पाकिस्तान इसमें कश्मीर मुद्दे को भी शामिल करने की जिद पर अड़ा था.
जर्मनी ने हर साल पांच लाख शरणार्थियों का बोझ उठाने की बात कही
यूरोप में गहराते शरणार्थी संकट के बीच जर्मनी ने कहा है कि वह एक साल में पांच लाख शरणार्थियों को जगह दे सकता है और ऐसा कुछ सालों तक किया जा सकता है. जर्मनी के उप-प्रधानमंत्री सिग्मर गैब्रियल ने कहा कि वे कुछ साल तक प्रति वर्ष पांच लाख लोगों के रहने-खाने का इंतजाम कर सकते हैं. माना जा रहा है कि इस साल जर्मनी युद्ध की विभीषिका से जूझ रहे सीरिया के करीब आठ लाख लोगों को शरण देगा. यह संख्या 2014 के मुकाबले चार गुना है. गैब्रियल ने कहा कि यूरोप के बाकी देशों को भी पश्चिम एशिया और अफ्रीका से युद्ध और गरीबी के कारण भाग कर 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ का रुख कर रहे शरणार्थियों को अपने यहां जगह देनी चाहिए.