यूरोप में गहराते शरणार्थी संकट के बीच हंगरी का एक वीडियो सुर्खियों का विषय बन गया है. सर्बिया की सीमा से लगे रोश्की शरणार्थी शिविर के इस वीडियो में लोग बाड़े में रहते और ब्रेड के लिए जानवरों की तरह छीना-झपटी करते दिख रहे हैं. खबरों के मुताबिक यह क्लिप कैंप में तैनात सहायताकर्मी मिकेला स्प्रित्ज़ेनडॉर्फर ने बनाया है. एक वेबसाइट से बातचीत में मिकेला का कहना था, 'हम (यूरोप) उनके साथ जानवरों जैसा बर्ताव कर रहे हैं. यूरोपीय देशों के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे अब अपनी सीमाएं खोलें.' गौरतलब है कि सीरिया और कई दूसरे देशों से आ रही शरणार्थियों की भीड़ के चलते यूरोपीय संघ के देशों में मतभेद हो गए हैं. जर्मनी और फ्रांस जैसे देश चाहते हैं कि एक कोटे के तहत शरणार्थियों को बांट लिया जाए, लेकिन पोलैंड और हंगरी जैसे देश शरणार्थियों को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं.


'खिलाफत अवैध है और अबू बकर अल बगदादी गद्दार है.'

अल कायदा प्रमुख अयमन अल-जवाहिरी
एक ऑडियो संदेश में



यमन में छह भारतीयों के शव मिले
यमन में हुए एक हवाई हमले की चपेट में आए छह भारतीयों के शव मिल गए हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक आठ  सितंबर को दो नौकाएं यमन में जारी हवाई बमबारी की चपेट में आ गई थी. इन पर 21 भारतीय सवार थे. हमले में सुरक्षित बचे 14 भारतीयों में से चार का एक स्थानीय अस्पताल में उपचार किया जा रहा है.यमन में कई महीनों से सऊदी अरब की अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच झड़पें चल रही हैं. हूती विद्रोहियों के चलते वहां के राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी को इस साल की शुरुआत में राजधानी सना छोड़कर जाना पड़ा था. फिलहाल वे सऊदी अरब में हैं.
यूएन के सामने अब फिलिस्तीनी झंडा भी फहराएगा
संयुक्त राष्ट्र की इमारतों के सामने फिलिस्तीनी झंडा फहराने का प्रस्ताव भारी मतों से पारित हो गया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पेश हुए इस प्रस्ताव का इसराइल ने ज़बर्दस्त विरोध किया था. उसने संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों से प्रस्ताव के विरोध में वोट करने का आग्रह किया था. इसराइल और अमेरिका समेत आठ देशों ने प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया जबकि 119 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया. ब्रिटेन सहित कुल 45 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. 2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलस्तीनी प्राधिकरण को 'नॉन मेम्बर ऑब्ज़रवर' का दर्जा दिया था. इसके बाद उसे महासभा में होने वाली चर्चाओं में शामिल होने का अधिकार मिल गया था. इससे पहले 2011 में संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी अथॉरिटी को पूर्ण देश के रूप में जगह देने का प्रयास किया गया था जो सुरक्षा परिषद में अपर्याप्त समर्थन की वजह से विफल हो गया था. करीब 135 देश फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देते हैं.