नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी फाइलों के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मौत से जुड़ी फाइलों को भी सार्वजनिक करने की मांग उठ गई है. लालबहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने यह मांग की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे उनके पिता की संदेहास्पद परिस्थ‍ितियों में हुई मौत से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करें. अनिल शास्त्री के मुताबिक संभव है कि उनके पिता की हत्या की गई हो.
पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मृत्यु 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में हुई थी. वे वहां 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद वार्ता करने के लिए गए थे. मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया था कि शास्त्री जी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. लेकिन उनके परिवार का आरोप था कि उन्हें जहर दिया गया था. बताया जाता है कि मौत के बाद लालबहादुर शास्त्री का शरीर नीला पड़ गया था. उस समय इस मामले में उनके निजी सहायक को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन बाद में सबूतों के अभाव में उसे छोड़ दिया गया. बताया जाता है कि इस मामले से जुड़ीं फाइलें आज भी प्रधानमंत्री कार्यालय में मौजूद हैं. नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने के दबाव से जूझती केंद्र सरकार के लिए अनिल शास्त्री की इस मांग ने नयी मुश्किलें पैदा कर दी हैं.


'हम सब संघ के स्वयंसेवक हैं, वह हमसे कभी रिपोर्ट कार्ड नहीं मांगता. आरएसएस किसी को जाति, पंथ और मजहब के हिसाब से बंटवारे की इजाजत नहीं देता.'

राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री
एक टीवी कार्यक्रम के दौरान



बेटी की शादी के दिन हिमाचल के मुख्यमंत्री के घर सीबीआई के छापे
सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के यहां छापे मारे हैं. सीबीआई के मुताबिक ये छापे दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में स्थित 11 जगहों पर मारे गए और इनमें वीरभद्र सिंह का शिमला स्थित आवास शामिल है. वीरभद्र सिंह पर आरोप है कि संप्रग सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए उन्होंने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की. इस दौरान उन्होंने अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम जीवन बीमा पॉलिसियों में 6.1 करोड़ रुपये का निवेश किया. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, पुत्र विक्रमादित्य सिंह, पुत्री अपराजिता सिंह और एक एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ प्राथमिक जांच की जा रही है. वहीं, वीरभद्र ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है. सीबीआई की यह कार्रवाई उस समय हुई जब वीरभद्र सिंह की पुत्री के विवाह की रस्में अदा की जा रहीं थीं.
पार्टी अपराधियों को टिकट बेच रही है : भाजपा सांसद
बिहार के आरा से भाजपा सांसद और पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने अपनी पार्टी पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया है. उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए कहा कि पार्टी ने बिहार में जीतने वाले अच्छे उम्मीदवारों को टिकट न देकर अपराधियों को टिकट बांटे हैं. उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सवाल किया कि अगर आपराधिक लोगों को टिकट दिया जाएगा तो उनमें और लालू यादव में क्‍या फर्क रह जाएगा. हालांकि, पार्टी ने उनके बयान से किनारा करते हुए इसे उनकी निजी प्रतिक्रिया बताया है लेकिन, बीजेपी के फायरब्रांड नेता शत्रुघ्न सिन्हा उनका समर्थन करते दिख रहे हैं. सिन्हा ने कहा है कि आरके सिंह एक जिम्मेदार सांसद हैं और उन्होंने जो कुछ भी कहा है सोच-समझकर ही कहा होगा. बिहार चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा कार्यकर्ता पटना ऑफिस में कई दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.