क्यूबा ने कहा है कि उसके और अमेरिका के बीच संबंध सामान्य होने की लंबी प्रक्रिया तभी अपने अंजाम तक पहुंचेगी जब अमेरिका गुआंतानामो उसे लौटा देगा. खबरों के मुताबिक क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने कहा है कि इसके साथ अमेरिका को उनके देश पर 53 साल से लगे आर्थिक प्रतिबंधों के लिए हर्जाना भी देना होगा. गौरतलब है कि क्यूबा से लगते गुआंतानामो में अमेरिका ने एक विशाल नौसैनिक अड्डा बनाया हुआ है. 1959 में हुई कम्युनिस्ट क्रांति के चलते क्यूबा में बनी सरकार तब से ही इसका विरोध कर रही है.
कास्त्रो का बयान इस लिहाज से भी अहम है कि 56 साल के लंबे अंतराल के बाद हाल ही में अमेरिका और क्यूबा के संबंधों में जमी बर्फ पिघलनी शुरू हुई है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध बहाल हुए हैं और उन्होंने एक दूसरे के यहां अपने दूतावासों के दरवाजे खोले हैं.


'आईएस के ख़िलाफ़ कार्रवाई में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ मिलकर काम न करना एक बड़ी गलती होगी.'

व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से एक मुलाकात के बाद



कुंदुज को तालिबान से छुड़ाने का अभियान जारी
अफगानिस्तान के कुंदूज़ शहर को तालिबान के कब्जे से छुड़ाने की कोशिशें जारी हैं. सुरक्षाबल वापस इस पर नियंत्रण करने की कोशिशें कर रहे हैं. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी का कहना है कि कुछ सरकारी इमारतों को छुड़ाया भी जा चुका है. 2001 में अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान पर हुए हमले के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि देश में हाशिये पर पहुंच चुके तालिबान ने पहली बार किसी प्रांत की राजधानी पर कब्जा किया है. यही वजह है कि एक साल पहले सत्ता में आए अशरफ गनी के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है. अफगान सुरक्षा बलों की मदद करते हुए अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने कुंदूज़ के नज़दीक तालिबानी ठिकानों पर हमले किए हैं.
यमन में विवाह समारोह पर मिसाइल हमला, 130 मरे
यमन में एक विवाह समारोह में हुए संदिग्ध हवाई हमले में हुई मौतों की संख्या बढ़कर 130 तक पहुंच गई है. सोमवार को हुए इस हमले में लाल सागर बंदरगाह के करीब बसे एक गांव को मिसाइल से निशाना बनाया गया. खबरों के मुताबिक उस समय गांव में एक हूती विद्रोही की शादी हो रही थी. गौरतलब है कि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस साल की शुरुआत में वहां के राष्ट्रपति को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था. तब से ही सऊदी अरब की अगुवाई वाले अरब देशों का गठबंधऩ यमन पर बम बरसा रहा है. हालांकि इस गठबंधऩ ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. संयुक्त राष्ट्र सहित तमाम देशों ने इस घटना की निंदा की है.