सीरिया को लेकर अंतर्राष्ट्रीय ताकतों के बीच किसी बड़े टकराव की आशंका बढ़ती जा रही है. अमेरिकी नेतृत्व वाले नाटो गठबंधन ने तुर्की की हवाई सीमा का उल्लंघन करने के लिए रूस को चेतावनी दी है. तुर्की ने भी कहा है कि अगर रूस से दोबारा ऐसा किया तो उसे इसके नतीजे भुगतने होंगे. खबरों के मुताबिक रूस का एक लड़ाकू विमान तुर्की की हवाई सीमा में घुस गया था जिसे तुर्की के लड़ाकू विमानों ने घेर लिया और वापस लौटा दिया. इससे पहले अमेरिकी गठबंधन ने रूस से सीरिया में अपने हवाई हमले रोकने को भी कहा था. हालांकि इसके आसार नहीं लग रहे. रूस का कहना है कि बीते 24 घंटों में उसने सीरिया में आईएस के नौ ठिकानों को निशाना बनाया है. उसने यह भी कहा है कि अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के सीरियाई सीमा के भीतर आईएस पर हमले गैरकानूनी हैं क्योंकि इसके लिए सीरियाई सरकार से इजाजत नहीं ली गई है.
उधर, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा है कि अगर आतंकवाद को ख़त्म करना है तो सीरिया, रूस, इराक और ईरान के गठबंधन को सफल होना पड़ेगा. उनके मुताबिक अगर ऐसा नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र में तबाही को कोई नहीं रोक सकेगा. गौरतलब कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश असद को हटाना चाहते हैं जबकि रूस और ईरान असद के साथ खड़े हैं. सीरिया में बीते चार साल से चल रहा गृहयुद्ध ढाई लाख से भी ज्यादा जिंदगियां लील चुका है.


'आज श्रीलंका आतंक से आजाद है क्योंकि हम तमिल टाइगर्स के खिलाफ़ लड़ाई में विदेशी दबाव के आगे झुके नहीं.'

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे
संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के कथित युद्ध अपराधों पर पारित प्रस्ताव की आलोचना करते हुए



चिकित्सा का नोबेल चीन, जापान और आयरलैंड की झोली में

2015 के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है. यह प्रतिष्ठित सम्मान संयुक्त रूप से तीन लोगों को दिया गया है. इसमें आधे की हकदार चीन की तू यूयू हैं जिन्हें यह पुरस्कार मलेरिया के खिलाफ एक नई और सबसे कारगर दवा आर्टेमाइसिनिन की खोज के लिए दिया गया है. पुरस्कार की आधी रकम राउंडवर्म से होने वाले संक्रमणों का नया उपचार खोजने वाले विलियम सी कैम्पबेल तथा सतोशी ओमुरा को मिलेगी. कैंप्पबेल आयरलैंड के रहने वाले हैं जबकि ओमुरा जापान के. इस पुरस्कार की घोषणा स्टॉकहोम में चिकित्सा पर नोबेल समिति की सचिव अरबन लेन्डल ने की. समिति ने अपने बयान में कहा है कि इन दोनों खोजों ने मानवता को इन बीमारियों से लड़ने का नया और शक्तिशाली जरिया दिया है जिनसे हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं.


ग्वाटेमाला में बारिश से तबाही, 131 मरे, सैकड़ों लापता

मध्य अमेरिकी देश ग्वाटेमाला में भारी बारिश से हुए भूस्खलन से मरने वालों का आंकड़ा 131 पहुंच गया है. यह हादसा ग्वाटेमाला सिटी के पास बसे अल कैंबरे नाम के एक गांव में तीन दिन पहले हुआ था. अब तक 131 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है. अब भी 300 लोग लापता हैं. मरने वालों में कई बच्चे भी शामिल हैं. भूस्खलन की चपेट में 100 से भी ज्यादा घर आए हैं. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक इस जगह के भूस्खलन के प्रति संवेदनशील होने के चलते उन्होंने यहां के लोगों से बीते साल किसी और जगह पर बसने का अनुरोध किया था, लेकिन लोगों ने इससे इनकार कर दिया था.