1- केजी जॉर्ज, गृहमंत्री, कर्नाटक सरकार
‘दो लोगों द्वारा किये गए रेप को गैंगरेप कैसे कहा जा सकता है? गैंगरेप का मतलब होता है चार से पांच लोग.’ यह बयान एक दिन पहले ही कर्नाटक के गृहमंत्री केजी जॉर्ज द्वारा दिया गया है. बेंगलुरु में हुए 22 वर्षीय बीपीओ कर्मी के बलात्कार के मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने एक टीवी चैनल को यह बयान दिया है.
2- बाबूलाल गौर, गृहमंत्री, मध्य प्रदेश सरकार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के वर्तमान गृहमंत्री बाबूलाल गौर का कुछ समय पहले ही बढ़ते बलात्कारों पर कहना था, ‘महिलाओं पर होने वाले अपराध इस पर निर्भर करते हैं कि वे कैसे कपड़े पहनती हैं और कितनी बार मंदिर जाती हैं. चेन्नई में बलात्कार तुलनात्मक रूप से कम होते हैं क्योंकि वहां महिलाएं पूरे कपडे पहनती हैं और नियमित मंदिर जाती हैं.’
3- ओम प्रकाश चौटाला, नेता, भारतीय राष्ट्रीय लोक दल
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने बढ़ते बलात्कारों से निपटने के लिए सलाह देते हुए कहा था, ‘बलात्कार और महिलाओं पर होने वाले अन्य यौन अपराधों का सही इलाज है बाल विवाह.’
4- मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी प्रमुख
मुलायम सिंह यादव
मुलायम सिंह यादव
बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सबसे अजीबोगरीब बयान देने के सिरमौर मुलायम सिंह यादव ही हैं. इसी साल अगस्त में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि ऐसे कई मामले उनकी जानकारी में हैं जहां किसी महिला से बलात्कार एक व्यक्ति करता है लेकिन शिकायत में चार-चार लोगों का नाम लिखवा दिया जाता है. उन्होंने कहा था कि ‘ऐसा प्रैक्टिकली मुमकिन ही नहीं है.’
इससे पहले, पिछले साल अप्रैल में भी उन्होंने नये बलात्कार विरोधी कानून के सख्त होने को गलत और बलात्कारियों को मामूली सी गलती करने वाले लड़के वाला बता दिया था. लोकसभा चुनाव के दौरान मुरादाबाद की एक चुनावी रैली में नये और 'सख्त' बलात्कार कानून को बदलने का वादा करते हुए कहा था, ‘जब लड़के और लड़कियों में कोई विवाद होता है तो लड़की बयान देती है कि लड़के ने मेरा बलात्कार किया. इसके बाद बेचारे लड़के को फांसी की सज़ा सुना दी जाती है. बलात्कार के लिए फांसी चढ़ा दिया जाएगा? लड़के हैं, लड़कों से गलती हो जाती है.’
5- अबू आज़मी, सपा नेता
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के विवादास्पद बयान का बचाव करते हुए उनकी ही पार्टी के नेता अबू आज़मी एक कदम और आगे बढ़ गए थे. उन्होंने महिलाओं को ही दोषी मानते हुए बयान दिया था, ‘जब कोई किसी लड़की को छूता है तो लड़कियां शिकायत कर देती हैं. अगर नहीं छूता तब भी शिकायत कर देती हैं. इच्छा या अनिच्छा से, अगर बलात्कार होता है तो इस्लाम के अनुसार सज़ा मिलनी चाहिए.’ वे आगे कहते हैं, ‘इस्लाम में बलात्कार के किये फांसी की सजा है. लेकिन यह सिर्फ पुरुषों के लिए है महिलाओं के लिए नहीं. जबकि महिलाएं भी दोषी हैं.’
6- मोहन भागवत, आरएसएस प्रमुख
बढ़ते बलात्कारों पर आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने बयान दिया था, ‘बलात्कार पश्चिमी सभ्यता का दुष्प्रभाव है. इसीलिए शहरी इलाकों में यह ज़्यादा होता है. गांव में राष्ट्रीय भावना प्रबल होती है, वहां बलात्कार नहीं होते हैं.’
7- रामसेवक पैकरा, गृहमंत्री छत्तीसगढ़
भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा से जब राज्य में आदिवासी छात्राओं के साथ हो रहे यौन अपराधों के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था, ‘रेप कभी जान-बूझकर नहीं होता, यह धोखे से हो जाता है.’
8- दीपक हलदर, विधायक, तृणमूल कांग्रेस
पश्चिम बंगाल में बलात्कार की घटनाओं पर साल 2014 में टिप्पणी करते हुए सत्ताधारी विधायक दीपक हलदर का कहना था, ‘पहले भी बलात्कार होते थे और आज भी होते हैं. जब तक इस धरती का अस्तित्व है, बलात्कार होते ही रहेंगे.’
9- सत्यदेव कटारे, नेता विपक्ष, मध्य प्रदेश विधानसभा
महिलाओं पर होने वाले यौन अपराधों के लिए महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराते हुए भिंड से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यदेव कटारे का कहना था, ‘जब तक कोई महिला ही किसी को तिरछी नज़र से नहीं देखती, तब तक कोई पुरुष उसे नहीं छेड़ता.’
10- आशा मिर्जे, नेता राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
आशा मिर्जे ने भी महिलाओं को ही बलात्कार के लिए दोषी मानते हुए उनके व्यव्हार और पहनावे को जिम्मेदार बताया था. साथ ही उनका कहना था, ‘निर्भया को रात के 11 बजे अपने दोस्त के साथ फिल्म देखने जाने की क्या जरूरत थी? शक्ति मिल्स का मामला ही ले लीजिये. वह लड़की शाम के छह बजे ऐसी सुनसान जगह पर गई ही क्यों?’
अंत में
जितेंद्र छत्तर, खाप पंचायत नेता, हरियाणा
बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए जिंद से आने वाले खाप पंचायत के नेता जितेंद्र छत्तर का कहना था, ‘मेरे ख़्याल से फास्ट फूड खाने से बलात्कार की घटनाएं बढ़ती हैं. चाऊमीन खाने से शरीर के हार्मोन में असंतुलन पैदा होता है. इसी वजह से इस तरह के कार्य करने का मन करता है.’