शिवसेना के विरोध के बावजूद कसूरी की किताब का विमोचन | सोमवार, 12 अक्टूबर 2015
शिव सेना के भारी विरोध के बावजूद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब का विमोचन मुंबई में हो ही गया. इस मौके पर कसूरी ने कहा कि इस किताब को लिखने के पीछे का मकसद दोनों देशों के बीच की गलतफहमियों को दूर करना है. उन्होंने उम्मीद भी जताई कि उनकी किताब दोनों मुल्कों का एक दूसरे के प्रति भरोसा बढ़ाने का जरिया बनेगी. इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी को अटल बिहारी वाजपेयी से सीख लेने की नसीहत भी दे डाली. कसूरी ने कार्यक्रम के अंत में अपनी सुरक्षा को लेकर फड़णवीस सरकार का शुक्रिया भी अदा किया. इससे पहले शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने इस पुस्तक के विमोचन के विरोध में समारोह के आयोजक सुधींद्र कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोत दी थी.
मुलायम पर मामला दर्ज कराने वाले आईपीएस अमिताभ ठाकुर के घर विजिलेंस का छापा | मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकी देने का केस दर्ज कराने वाले आईपीएस अमिताभ ठाकुर के घर उत्तर प्रदेश के सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने छापा मारा. ठाकुर के घर यह छापा आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में मारा गया है. इसके बाद अमिताभ ने आरोप लगाया कि सीएम अखिलेश यादव के कहने पर डीजी (विजिलेंस) भानु प्रताप सिंह उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.  गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर ने 10 जुलाई को मुलायम का एक ऑडियो टेप जारी किया था जिसमें कथित तौर पर मुलायम अमिताभ को एक पुरानी घटना का हवाला देते हुए सुधर जाने की बात कहते सुनाई पड़ रहे थे. अमिताभ का आरोप है कि एक मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के लोकायुक्त में शिकायत किए जाने की वजह से मुलायम ने उन्हें धमकी दी.
केन्द्र सरकार भी नेताजी से जुडी फाइलें सार्वजनिक करेगी | बुधवार, 14 अक्टूबर 2015
पश्चिम बंगाल सरकार के बाद अब केंद्र सरकार भी नेताजी से जुडी फाइलों को सार्वजनिक करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार को भरोसा दिया है कि अगले साल 23 जनवरी से नेताजी से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक की जायेंगी. बता दें, 23 जनवरी को ही नेताजी का जन्मदिन भी होता है. दरअसल, इन फाइलों को सार्वजनिक किये जाने की मांग को लेकर नेताजी परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. जिसके बाद प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की. गौरतलब है कि नेताजी से जुडी करीब 130 फाइलें केंद्र सरकार और पीएमओ के पास पिछले 70 साल से मौजूद हैं. इन फाइलों को गोपनीय बताकर अब तक किसी भी सरकार ने इन्हें सार्वजनिक नहीं किया.
महाराष्ट्र में फिर खुलेंगे  ‘डांस बार’ | गुरुवार, 15 अक्टूबर 2015
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में डांस बारों पर लगी पाबंदी हटा दी. इसके साथ ही अदालत ने इस मामले से संबंधित महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम में किये गए संशोधन पर भी रोक लगा दी है. हालांकि, शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को इस बात की छूट दी है कि अगर बार में डांस की आड़ में अश्लील कार्यक्रम हों तो अधिकारी सख्त कार्रवाई करें. गौरतलब है कि 2005 में राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में डांस बारों पर पहली बार प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद इन बारों में काम करने वाले करीब 1.5 लाख लोग बेरोजगार हो गए थे. इनमें 70 हजार बार गर्ल्स भी थीं. हालांकि 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले को खारिज कर दिया. लेकिन, साल 2014 में तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम में संशोधन करते हुए डांस बारों पर पाबंदी लगा दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने एनजेएसी को असंवैधानिक करार दिया | शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2015
सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति‍ के लिए बने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेऐसी) को असंवैधानिक करार दिया. इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने साफ कर दिया है कि जजों की नियुक्ति‍ पहले की तरह कॉलेजियम सिस्टम से ही होगी. अदालत ने इस मामले को बड़ी बेंच में भेजने की याचिका को भी खारिज कर दिया है. 1993 से जजों की नियुक्ति और तबादलों का निर्धारण एक कॉलेजियम व्यवस्था के तहत हो रहा था. लेकिन, अगस्त, 2014 में केंद्र की मोदी सरकार ने इस काम के लिए संविधान में संशोधन करके एक न्यायिक नियुक्ति आयोग(एनजेऐसी) बना दिया था. छह सदस्यीय इस आयोग के सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, दो वरिष्ठतम जज, केन्द्रीय कानून मंत्री के अलावा दो प्रबुद्ध लोगों को भी शामिल करने का प्रावधान था. .
दादरी घटना से भाजपा से ज्यादा नरेन्द्र मोदी को नुकसान : अकाली दल | शनिवार, 17 अक्टूबर 2015
एनडीए सरकार में भाजपा के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने दादरी घटना को लेकर संघ और भाजपा की निंदा की. अकाली दल सांसद नरेश गुजराल के मुताबिक जो कुछ दादरी में हुआ वो शर्मनाक था और यह घटना सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नुकसान पहुंचा रही है. गुजराल ने कहा, ‘दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. गैर जिम्मेदाराना बयान देने वाले लोग प्रधानमंत्री के कहे का पालन नहीं कर रहे हैं. यही समय है कि प्रधानमंत्री को कुछ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि संघ परिवार में यह संदेश जाए कि इस तरह की बकवास नहीं चलेगी.’ गुजराल के अनुसार महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कुछ लोग बहुत गैर जिम्मेदाराना ढंग से बात कर रहे हैं.